चंडीगढ़। पंजाब सरकार के मिशन रोजगार अभियान के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 335 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को बधाई देते हुए राज्य सरकार की रोजगार नीति की सराहना की और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब में हुई सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई हैं। उन्होंने कहा कि क्लर्क, डीएसपी, पटवारी, कानूनगो, ड्रग इंस्पेक्टर, डॉक्टर, नर्स, लाइनमैन सहित विभिन्न पदों पर भर्ती परीक्षाएं बिना किसी विवाद के आयोजित की गईं और उनके परिणाम भी पारदर्शी तरीके से घोषित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों को परिणाम घोषित होने के बाद सीधे सूचना देकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने का सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों को होता है, जो वर्षों तक मेहनत और लगन से तैयारी करते हैं। जब परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें सामने आती हैं तो युवाओं के सपने और उनका मनोबल दोनों प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि परीक्षा शुल्क जमा करने, दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और लंबे समय तक तैयारी करने के बाद यदि परीक्षा रद्द हो जाए या पेपर लीक हो जाए तो युवाओं में निराशा बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकारों की बड़ी जिम्मेदारी है।
