भोपाल। बीएचईएल भोपाल के अतिथि गृह ‘देवी अहिल्या सभागार’ में शनिवार को कार्यपालक निदेशक प्रदीप कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में प्लांट कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में कारखाने के सभी विभागों के महाप्रबंधक और ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉईज यूनियन (संबद्ध निफ्टू) की ओर से संगठन सचिव राजमल बैरागी एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजेंद्र पाटील सम्मिलित हुए। यूनियन प्रतिनिधियों ने बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कारखाना, टाउनशिप, कस्तूरबा अस्पताल और कॉर्पोरेट से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उच्च प्रबंधन के समक्ष जोरदार ढंग से उठाया।
कस्तूरबा अस्पताल से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए यूनियन ने बताया कि इंपैनल अस्पतालों द्वारा डिस्पोजल आइटम के नाम पर कर्मचारियों से मनमानी वसूली की जा रही है, जिस पर रोक लगनी चाहिए और यह खर्च अस्पताल प्रबंधन को स्वयं वहन करना चाहिए। साथ ही, नागपुर में इलाज कराने जाने वाले कर्मचारियों को कागजी कार्रवाई से बचाने के लिए भोपाल कस्तूरबा अस्पताल से सीधे नागपुर के अस्पतालों को इंपैनल करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में हाल ही में किए गए रिनोवेशन के दौरान लगी अत्यधिक फिसलन भरी टाइल्स को तुरंत बदलने और डॉक्टरों व सहायक नर्सों की नई भर्ती करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। एक बड़ी सफलता के रूप में, दूरस्थ सैटेलाइट कॉलोनियों के कर्मचारियों की सुविधा के लिए यूनियन की मांग पर एम्बुलेंस का दायरा 10 किलोमीटर से बढ़ाकर अब 15 किलोमीटर कर दिया गया है।
टाउनशिप के मुद्दों को उठाते हुए यूनियन ने कहा कि वर्तमान क्वार्टर काफी पुराने हो चुके हैं, जिससे कर्मचारियों को सीपेज और सीवर जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके स्थाई समाधान के लिए भोपाल में एक नवीन टाउनशिप के निर्माण का प्रपोजल बनाकर कॉर्पोरेट प्रबंधन को भेजने का आग्रह किया गया। इसके साथ ही, टाउनशिप में चल रहे क्लस्टर एरिया के रिनोवेशन और सीवर लाइन के कार्यों में तेजी लाने तथा प्रीवेंटिव मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली अघोषित बिजली कटौती में सुधार करने की मांग की गई।
