भोपाल
भारत के गैस पावर क्षेत्र के लिए उन्नत बिजली समाधान प्रदान करने के लिए, जीई वर्नोवा के गैस पावर व्यवसाय (एनवाईएसई:जीई) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने मंगलवार को अपने दीर्घकालिक सहयोग को जारी रखने की घोषणा की। भारत में हेवी-ड्यूटी गैस टर्बाइनों की इंजीनियरिंग और विनिर्माण की गुंजाइश सहित तकनीकी सहायता और लाइसेंस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एक समारोह में बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नलिन सिंघल, जय प्रकाश श्रीवास्तव, निदेशक (इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास) एवं निदेशक (वित्त – अतिरिक्त प्रभार) बीएचईएल, श्रीमती रेणुका गेरा निदेशक औद्योगिक प्रणाली एवं उत्पाद, बीएचईएल, दीपेश नंदा, सीईओ जीई गैस पॉवर साउथ एशिया और अध्यक्ष एवं सीईओ, जीई एयरो-डेरिवेटिव बिजनेस, गैस पॉवर एशिया और जीई और बीएचईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस समझौते के माध्यम से जीई वर्नोवा का गैस पॉवर व्यवसाय बेहतर श्रेणी की गैस टरबाइन तकनीक और ग्राहकों की बिजली संयंत्र आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करने के लिए बीएचईएल की क्षमताओं को मजबूत करेगा। अब तक, बीएचईएल ने भारत और विदेशों में विभिन्न तेल रिफाइनरियों, उद्योगों और उपयोगिताओं को लगभग 230 जीई गैस टर्बाइनों की आपूर्ति की है।
यह सहयोग स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देकर, नई नौकरी के अवसर पैदा करने के साथ आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क का विस्तार कर भारत के ऊर्जा रोडमैप को नया आकार देने में भी योगदान देगा। यह आत्म निर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल का प्रमाण है, और भारत के पावर विजन के साथ भी जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि बिजली क्षेत्र की दोनों औद्योगिक कंपनियों के बीच सहयोग का यह विस्तार 1986 में शुरू हुआ था।
