भोपाल
भेल नगर प्रशासन विभाग टाउनशिप के खूबसूरत आवास खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। नगर प्रशासन विभाग ने सैकड़ों आवासों में अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों को बेदखल करने की एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। इसको लोगों ने सराहा भी था, लेकिन अनाधिकृत लोगों को खदेडऩे के बाद नगर प्रशासन विभाग द्वारा ध्यान न देने के कारण आवासों से न केवल बिजली, पानी की लाइन बल्कि खिडक़ी-दरवाजे भी उखाड़ कर ले गए। इससे भेल को लाखों का चूना लगा। मामला पूरी टाउनशिप का है। खास तौर पर पिपलानी, बरखेड़ा में यह काम जोरों से चल रहा है।
मजेदार बात तो यह है कि इतना सब करने के बाद भी जिन लोगों को भेल के बेदखली अमले ने खदेड़ा था वह फिर से इन आवासों में काबिज होना शुरु हो गए हैं। इस मामले में कौन माफिया इन आवासों में फिर से बसाहट करा रहा है, इसके पीछे की राजनीति तो वह ही जाने, लेकिन भेल नगर प्रशासन विभाग को ध्यान देना होगा। क्योंकि अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम शिथिल कर दी है। इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए हैं। यही नहीं आसपास चोरी की वारदातें सामने आने लगी हैं, तो संबंधित थाना क्षेत्र की रात्रिकालीन पुलिस और भेल सुरक्षा अमले की गश्त भी दिखाई नहीं देती। इससे रहवासी क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं।
बिजली के सामान के साथ दरवाजे खिडक़ी भी उखाड़ ले गए
जिस समय भेल नगर प्रशासन विभाग ने भेल के आवासों से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा था, उस समय यह आवास पूरी तरह रंगरोगन के साथ नए खिडक़ी-दरवाजे और बिजली की फिटिंग साफ दिखाई दे रही थी। लेकिन इन आवासों को खाली कराने के बाद आनन-फानन में आवास की बिजली फिटिंग का सामान, तार, दरवाजे, खिडक़ी और बाउंड्री वाल तक उखाड़ ले गए। इससे भेल को भारी नुकसान उठाना पड़ा। होना यह था कि इन आवासों में रह रहे अवैध लोगों का सामान जप्त कर बिजली और पानी का कनेक्शन काट देना चाहिए था। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि भेल के आवासों में फिर से कब्जा कराने के पीछे कुछ नेता और सिविल कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
नगर प्रशासन विभाग को जल्द ध्यान देना चाहिए। दरअसल, उद्योग नगरी के खाली पड़े आवासों मेें आसामाजिक तत्वों ने डेरा जमा लिया है। यहां सभी तरह के अवैध काम किए जा रहे है। जल्द ही नए टाउनशिप मुखिया ने एक्शन नहीं लिया तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।
आरएस ठाकुर
अध्यक्ष भेल कर्मचारी टे्रड यूनियन
