भोपाल। भारत के सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए कलपक्कम स्थित स्वदेशी तकनीक से निर्मित 500 मेगावाट के ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ ने प्रथम क्रिटिकलिटी (संचालन की पहली सफल अवस्था) प्राप्त कर ली है। ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में इस निर्णायक कदम में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में अहम भूमिका निभाई है।
आत्मनिर्भर और विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करते हुए भेल ने रिएक्टर के प्राइमरी और सेकेंडरी, दोनों क्षेत्रों में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है। भेल ने इस रिएक्टर के लिए न केवल इनर वेसल और थर्मल बैफल जैसे महत्वपूर्ण अंगों का निर्माण और आपूर्ति की, बल्कि स्टीम जनरेटर-इवपोरेटर और मुख्य वेसल की तकनीक विकसित करने में भी योगदान दिया है।
रिएक्टर के सेकेंडरी साइड पर भेल द्वारा स्वदेशी तकनीक से निर्मित 500 मेगावाट के ‘मेन प्लांट टर्बाइन जनरेटर पैकेज’ की आपूर्ति और स्थापना की गई है। यह उपलब्धि भारत की परमाणु यात्रा में भेल की अटूट प्रतिबद्धता और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भारी उद्योग मंत्रालय के मार्गदर्शन में मिली इस सफलता ने वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी श्रेष्ठता को पुनः स्थापित किया है।
