भेल की गपशप
केसी दुबे ।
बीएचईएल भोपाल यूनिट में प्रतिनिधि यूनियन के चुनाव इस साल हो या अगले साल ये अलग बात है । यहां की यूनियनें अपने आप को मजबूत करने के लिये कर्मचारियों या अन्य यूनियन नेताओं को अपने साथ मिलाने की कोशिश में लग गई है । किसमें है कितना दम यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा लेकिन जिन यूनियनों का कर्मचारियों के हित में बेहतर परफारमेंस रहा हो वे ही इस चुनाव में जीत का स्वाद चख सकेंगी । जो यूनियनें प्रबंधन के सामने पिछले तीन सालों से नत मस्तक हैं उन्हें भी कर्मचारी अच्छे से जानते हैं ।
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पहले सीटू यूनियन के कुछ पदाधिकारी बड़ी संख्या में एचएमएस यूनियन में शामिल हो गये और अब भेल इंटक के पूर्व महाम़ंत्री गौतम मौरे भी भेल कर्मचारी ट्रेड यूनियन में शामिल होने की तैयारी में लगे हुये हैं । इंटक से नाराज होकर केटीयू में शामिल हुये ऐसा उनका कहना है वैसे भी उनके इस फैसले में दम दिखाई दे रहा है क्योंकि केटीयू ही एक ऐसी यूनियन है यहां लाभ—शुभ का कोई दाग नहीं है । एक चर्चा यह भी है कि बीएमएस के अध्यक्ष व्हीएस कठैत भी जल्द ही अपनी दादा भौमिक वाली पुरानी यूनियन को फिर जिंदा कर सकते हैं या फिर ऐबू यूनियन की शरण में जा सकते हैं । प्रतिनिधि यूनियन के चुनाव के पूर्व काफी उठा—पठक की खबरें आना शुरू हो गई हैं ।
