12 C
London
Wednesday, May 13, 2026
Homeभेल न्यूज़भेल क्षेत्र में लुट रहे हैं उपभोक्ता और सरकारी अफसर हैं मौन...

भेल क्षेत्र में लुट रहे हैं उपभोक्ता और सरकारी अफसर हैं मौन महिला दिव्यांग —सर्वोदय गृह निर्माण संस्था ने दस्तावेजों को लेकर उठाए सवाल,संस्था का फर्जी अध्यक्ष बनकर बेच डाले सैंकड़ों भू—खण्ड

Published on

भेल भोपाल ।
सरकारी तंत्र की जितनी तारीफ की जाये कम है भेल क्षेत्र में करोड़ों नहीं अरबों रूपये के भू—खण्ड उपभोक्ताओं को छल कर खुलेआम बेचे जा रहे हैं वह भी एक संस्था के फर्जी अध्यक्ष द्वारा वहीं सरकारी तंत्र दोनों आंखे बंद कर बैठा हुआ है । साफ जाहिर है कि इस क्षेत्र में उपभोक्ता खुलाआम लुट रहे हैं लेकिन कोई देखने वाला नहीं । फर्जी अध्यक्ष द्वारा संस्था के नाम से करोड़ों रूपये के भू—खण्ड बेचे जा रहे हैं । सहकारिता विभाग ने भी इसे फर्जी अध्यक्ष घोषित कर रखा है फिर भी उसके होसलें इतने बुलंद है कि वह सरकारी तंत्र से भी नहीं डर रहा है ।

एक दिव्यांग व वृद्ध महिला को भी नहीं छोड़ ऐसे सैंकड़ों लुटे—पिटे लोग नीचे से लेकर उपर तक के अफसरों को शिकायत कर चुके हैं लेकिन कार्यवाही वही ढाक के तीन पात । अब देखना यह है कि इन लोगों की सुनवाई सरकार कब करती है । यह जानकारी संस्था के सदस्यों ने ही दी है । सर्वोदय गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित, के पूर्व अध्यक्ष रामकृष्ण पिल्लई एवं भोपाल के पदाधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता में खजूरीकला स्थित मिलिन्द नगर क्षेत्र की भूमि से जुड़े कुछ दस्तावेजों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है।

संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्ष 1987 में किसानों से क्रय की गई लगभग 7 एकड़ भूमि को संस्था ने अपने सदस्यों से एकत्र राशि से खरीदा था और वर्ष 2000 तक नियमानुसार भूखण्डों का आवंटन कर कब्जा भी दिया गया था। मार्च 2002 में संस्था का संचालक मंडल भंग होने के बाद यह सहकारिता विभाग के प्रभारी के अधीन थी। संस्था का आरोप है कि सितंबर 2002 में कुछ व्यक्तियों द्वारा स्वयं को संस्था का पदाधिकारी बताकर कथित रूप से ऐसे दस्तावेज तैयार कराए गए, जिनमें 200 से अधिक भूखण्डधारियों की सहमति या क्रय-विक्रय शामिल नहीं था।

Read Also: भोपाल में  दस महीने की बच्ची खेलते-खेलते गिरी थम गई मासूम की सांस

संस्था का कहना है कि ये दस्तावेज विधि के अनुरूप नहीं हैं और इस विषय में न्यायालय में कार्रवाई प्रस्तावित है। सर्वोदय संस्था के अनुसार वर्तमान में अधिकांश भूखण्डधारियों को संशोधन, रजिस्ट्री एवं कब्जा की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी कराई जा चुकी है। संस्था ने स्पष्ट किया कि वह न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखती है और संबंधित पक्षों से तथ्यों की निष्पक्ष जांच की मांग करती है । 

Latest articles

असम के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता, 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने, मोदी-शाह मौजूद रहे

गुवाहाटी। हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के...

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से धनंजय तिवारी को मिली 14 हजार से अधिक रुपये की राहत

रायपुर। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026...

बीएचईएल में नई भर्ती आर्टिजनों के वेतन पुनरीक्षण की मांग, ऐबू ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में नई भर्ती कामगारों (आर्टिजनों) के हितों और वेतन विसंगतियों को...

उद्यमशीलता से प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में बनाई अलग पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता, मेहनत और दूरदर्शिता...

More like this

बीएचईएल में नई भर्ती आर्टिजनों के वेतन पुनरीक्षण की मांग, ऐबू ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में नई भर्ती कामगारों (आर्टिजनों) के हितों और वेतन विसंगतियों को...

डायरेक्टर एचआर के इंटरव्यू में शामिल में होंगे बीएचईएल भोपाल के ईडी

भोपाल। भेल दिल्ली कॉरपोरेट के डायरेक्टर मानव संसाधन विभाग के मुखिया का पद रिक्त...

बीएचईएल के दो डायरेक्टर आज आयेंगे भोपाल

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) दिल्ली के दो डायरेक्टर बुधवार को भोपाल आयेंगे...