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भेल और एनपीसीआईएल ने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के क्षेत्र में सहमति ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

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भोपाल

सार्वजनिक उपक्रम न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर तकनीक पर आधारित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों का संयुक्त रूप से दोहन करने के लिए सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू के तहत, बीएचईएल और एनपीसीआईएल संयुक्त रूप से परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माण के अवसरों को तलाशेंगे ताकि परियोजना के पूरा होने में लगने वाले समय को कम किया जा सके।

डॉ. नलिन सिंघल, सीएमडी बीएचईएल और भुवन चंद्र पाठक, सीएमडी एनपीसीआईएल ने डॉ वी. के. सारस्वत (सदस्य – नीति आयोग), के.एन. व्यास (सचिव – परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अध्यक्ष – परमाणु ऊर्जा आयोग) तथा कामरान रिजवी (सचिव – भारी उद्योग मंत्रालय) की उपस्थिति में नीति आयोग ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर परमाणु ऊर्जा विभाग, भारी उद्योग मंत्रालय, बीएचईएल और एनपीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

बीएचईएल विद्युत संयंत्र उपस्करों (परमाणु, पनबिजली, ताप और नवीकरणीय) का एक प्रमुख निर्माता है और भारतीय परमाणु कार्यक्रम के सभी तीन चरणों (पहला चरण पीएचडब्ल्यूआर, दूसरा चरण एफबीआर और तीसरा चरण एएचडबल्यूआर) के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा एकमात्र भारतीय कंपनी है जो पिछले पाँच दशकों से अधिक समय से स्थायी और ग्राहक केंद्रित समाधान प्रदान कर रहा है।

कंपनी के पास परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के प्राथमिक उपस्करों (रिएक्टर हेडर, इंड शील्ड, आदि) के साथ-साथ द्वितीयक उपस्करों (स्टीम टर्बाइन, जनरेटर, हीट एक्सचेंजर्स, आदि) के डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण और आपूर्ति की पर्याप्त क्षमता है। बीएचईएल ने देश की कुल स्थापित परमाणु क्षमता के लगभग 50 प्रतिशत संयंत्रों के लिए स्टीम टर्बाइन जेनरेटर सेटों की आपूर्ति की है।

गौरतलब है कि एनपीसीआईएल कैगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र, कर्नाटक की यूनिट 1 (220 मेगावाट) के लिए बीएचईएल आपूरित स्टीम टर्बाइन जेनरेटर सेट ने दिसंबर, 2018 में 962 दिनों के निरंतर संचालन का विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जो परमाणु रिएक्टर और टर्बाइन सिस्टम का सर्वश्रेष्ठ एकीकृत प्रदर्शन साबित हुआ था। भारत में 22 वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संचालन तथा 6,780 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनपीसीआईएल भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन, निर्माण और संचालन के लिए जिम्मेदार एकमात्र भारतीय संगठन है और 580 रिएक्टर वर्षों से अधिक के सुरक्षित संचालन का अनुभव रखता है। दो प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों का सहयोग गैर-प्रदूषणकारी और लंबे निर्माण अवधि वाले परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो जी-20 के पर्यावरणीय संधारणीयता के थीम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ एक स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में योगदान देगा।

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