-भेल के पास आज भारतीय रेल के अलावा न्यूक्लियर तथा थर्मल के आर्डर
भोपाल
शनिवार को भेल के अध्यक्ष व सीएमडी डॉ. नलिन सिंघल कारखाने में कार्यपालकों तथा पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर उनकी क्लास ली। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कंपनी हालत खराब है लेकिन हिम्मत न हारे इसको आगे बढ़ाने के लिये सब मिलकर पूरी दम लगायें तब कहीं जाकर हम मुकाम पर पहुंच पायेेंगे । उन्होंने कार्य को समय पर पूरा करने सहित उन्नत प्रौद्योगिकी और सहज कार्य नीति के उपयोग पर बल दिया ।
उन्होंने कहा कि बीएचईएल को आज भारतीय रेल के अलावा न्यूक्लियर तथा थर्मल से आदेश मिल रहे हैं । प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे आत्मनिर्भर भारत के तहत कंपनी को काफी अवसर भी मिल रहे हैं । उन्होंने बीएचईएल के कर्मचारियों और यहां की कार्य संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीएचईएल ने हमेशा चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए एक नया मुकाम स्थापित किया है ।
इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों से पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया और वर्तमान परिस्थिति में कंपनी की पद्धति तथा गुणतापूर्ण उत्पादों के निर्माण और मटेरियल की लागत में तर्कसंगत डिजाईन द्वारा कमी लाने के प्रयासों पर बल दिया । उन्होंने कारखाने में उत्पादन कार्य में पर्यवेक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुये कहा कि बीएचईएल एक परिवार की तरह है और बीएचईएल प्रबंधन ने हमेशा अपने सभी कर्मचारियों को परिवार का अभिन्न अंग माना है । इसलिए किसी भी तरह की असुविधा कर्मचारियों को न हो प्रबंधन इसके लिए हर संभव प्रयासरत है । बीएचईएल को नए मुकाम पर ले जाने के लिए हम सभी को मिल जुलकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना है ।
भेल के कार्यपाल निदेशक विनय निगम ने अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकों से चर्चा के बाद उनके महत्वपूर्ण सुझावों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सभी सुझावों का तत्काल कार्यान्वयन किया जाएगा जो कंपनी और उत्पादन हित में है । अच्छे टर्न ओवर और लाभ से सभी कर्मचारियों का हित जुड़ा है और यही बीएचईएल के सभी कर्मचारियों का एकमात्र उद्देश्य भी है ।
सीएमडी ने गोविंदपुरा में 5 मेगावाट सोलर प्लांट का किया निरीक्षण
डॉ. नलिन सिंघल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बीएचईएल में शनिवार को गोविंदपुरा ए-सेक्टर में निर्माणाधीन 5 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का अवलोकन किया और वहां के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सोलर प्लांट की प्रगति पर चर्चा की । गोविन्दपुरा स्थित निर्माणाधीन सोलर प्लांट की प्रगति का जायजा लेते हुए कहा कि यह भोपाल के लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । गौरतलब है कि 20 एकड़ क्षेत्र में फैले इस सोलर प्लांट से प्रतिवर्ष 79 लाख किलोवाट बिजली का वार्षिक उत्पादन होगा और बिजली के बिल में प्रतिवर्ष लगभग रू. 5.5 करोड़ की बचत होगी । इस प्लांट के निर्माण में लगभग रू. 22 करोड़ का व्यय अनुमानित है । इसका निर्माण बीएचईएल द्वारा किया जा रहा है ।
