भोपाल
भोपाल सेंटर से एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम में 2 रैंक लाने वाली कंचन चौरसिया को 405 नंबर मिले हैं। कंचन के पिता बीएचईएल कारखाने के डब्ल्यूई विभाग में काम करते हैं । कंचन बताती हैं कि जून में मैंने एक गु्रप के लिए अटैम्प्ट किया था लेकिन वो क्लियर नहीं हुआ। दिसंबर में मैंने दोनों दिए जो क्लियर हो गए। वे बताती हैं, कोई सब्जेक्ट मुझे कठिन नहीं लगा। बस हमारा काम कंपनी लॉ से जुड़ा ज्यादा है तो उस पर फोकस ज्यादा रखा। कंचन ने बताया कि मैंने 12वीं कॉमर्स विद मैथ्स से की है। मेरा सपना था कि नाम के आगे सीएस लगाना है। कंचन ने बताया की मेरी बड़ी बहन सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। मैं परिवार में पहली हूं जो सीएस कर रहीं हूं।
