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भोपाल जिला न्यायालय ने दिए बीएचईएल के अफसरों के मामले में प्रतिवेदन देने के आदेश

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– मामला फर्जी नियुक्तियों का

भोपाल

सालों से भेल भोपाल यूनिट में एक फर्जी नियुक्ति के माध्यम से कुछ कर्मचारियों को प्रमोशन देने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। दरअसल आवेदक ने इस मामले की शिकायत भेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा पुलिस प्रशासन को भी की थी। थाना गोविंदपुरा में एक आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज भी किया गया। इसके बाद ही भेल प्रशासन ने उक्त आरोपी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

शिकायतकर्ता ने इस मामले को ट्रायल कोर्ट में भी दायर किया जो लंबे समय तक चलता रहा। शिकायतकर्ता ने इस मामले को विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार कौल के न्यायालय में दायर किया। आवेदक आरएस सिंह ने बताया कि ट्रायल कोर्ट मार्च 2018 में एक परिवार वाद लगाया था जिसमें गोविंदपुरा पुलिस से अभिमत मांगा गया था। संबंधित पुलिस द्वारा अभिमत न भेजने के कारण इस कोर्ट ने लिखित और मौखिक तर्क लिए गए लेकिन बाद में जब पुलिस ने कोर्ट को जो अभिमत भेजा इसमें आरोपी भेल कर्मी साजी सैम्यूअल के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471 भादंवि के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

इस मामले में तीन सह अभियुक्त और बनाए गए। सोलंकी कंप्यूटर एजुकेशन के संचालक जीतेंद्र सोलंकी और फैजाबाद यूनिवर्सिटी के विपिन बिहारी शाही और विपुल सिंह शामिल है। श्री सिंह के मुताबिक ट्रायल कोर्ट ने 5 फरवरी 2022 को यह उल्लेख करते हुए प्रस्तावित अभियुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली अन्य के खिलाफ नहीं इसके बाद सीआरपीसी धारा 379 भादंवि के अंतर्गत क्रिमिनल रिविजन दायर की। इसमें सभी प्रस्तावित अभियुक्त गणों को कोर्ट मेें उपस्थित होने के संमंस भी जारी किए।

अंत में सेशन कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश 5 फरवरी 2023 को निरस्त कर दिया। श्री सिंह का कहना है कि जब एक अभियुक्त के विरूद्ध एफआईआर दर्ज हो गई तो शेष के खिलाफ क्यों नहीं। सेशन कोर्ट के विद़वान न्यायाधीश ने सीआरपीसी की धारा 210 से अंतर्गत पुलिस को इस प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। बड़ी बात यह है कि इस मामले में भेल के आला अफसर भी शामिल है। पुलिस प्रतिवेदन के बाद यह मामला ट्रायल कोर्ट में ही दर्ज हो सकता है। पुलिस प्रतिवेदन के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी कि कौन आरोपी है और कौन नहीं।

इनका कहना है-
यह मामला पिछले कई सालों से शिकायत के रूप में चलता रहा। अभी तक यह मामला कोर्ट मेंं दर्ज नहीं हुआ है। किसी भी नियुक्ति के मामले में भेल प्रबंधन विधि अनुसार काम करती हैं।
विनोदानंद झा, अपर महाप्रबंधक प्रचार जनसंपर्क विभाग बीएचईएल, भोपाल

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