— 12 यूनिट की आपूर्ति करेगा भेल, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 80 मेगावाट होगी
भोपाल
बीएचईएल भोपाल यूनिट ने पोलावरम हाइड्रो इलेक्ट्रिकल प्लांट के लिए भारत में निर्मित सबसे बड़े वर्टिकल कापलान रनर का निर्माण किया है। जो भारत में निर्मित सबसे बडा वर्टिकल कापलान रनर है। कार्यपालक निदेशक एसएम रामनाथन ने इसका उद्घाटन किया। श्री रामनाथन ने अपने संबोधन में कहा कि “यह रनर पोलावरम हाइड्रो इलेक्ट्रिकल प्लांट के लिए एक महत्वपूर्ण घटक है और हमें भारत में इसका निर्माण करने पर गर्व है।
रनर का निर्माण और संयोजन भोपाल इकाई के जल टरबाइन निर्माण प्रभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके किया गया है। रनर की निर्धारित ऊंचाई 27 मीटर, गति 100 आरपीएम, व्यास 6.85 मीटर, ऊंचाई 4.2 मीटर और वजन 125 टन है। प्रत्येक रनर में 5 रनर ब्लेड हैं, जो इसे भारत में सबसे बड़ा वर्टिकल कापलान रनर बनाता है।
बीएचईएल भोपाल 12 यूनिट की आपूर्ति करेगा, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 80 मेगावाट होगी। बीएचईएल, भोपाल हाइड्रो टर्बाइन की आपूर्ति में अग्रणी निर्माता है।
यह उपलब्धि भारत के बिजली क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों को स्वदेशी रूप से विकसित करने और विनिर्माण करने के लिए बीएचईएल की प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जो सरकार की “मेक इन इंडिया” पहल के अनुशरण के तहत है। उद्घाटन के मौके पर व्हीश्रीनिवास राव, राजेश कुमार अग्रवाल, जीपी बघेल, आलोक सेंगर, मनोज नीलमवार आदि मौजूद थे।
