– जब बीएचईएल के अपर महाप्रबंधक ने कारखाने के गेट से निकाल दिया बिना इनवाइज काटे के ट्रक
– झांसी बीएचईएल के फाइनेंस विभाग ने नहीं काटा जा इनवाइज और दर्ज करवाई थी आपत्ति
भेल भोपाल।
बीएचईएल की झांसी यूनिट में कुछ माह पूर्व करीब 25 करोड से ज्यादा स्क्रेप घोटाले की जांच सेंट्रल विजिलेंस कमीशन द्वारा की जा रही है। कितना बडा घोटाला पहली बार चर्चाओं में आया है। जिस कंपनी को स्र्केप कॉपर कारखाने से बाहर ले जाने का कांट्रेक्ट दिया था वह लंबे समय से तौल कांटे पर चिप लगाकर लाखों की हेराफेरी कर रहा है। कारखाने में खाली गाडी प्रवेश करने के बाद तौल कांटे पर आरटीओ रजिस्ट्रेशन का वेट तौलकर पिफर लोड भरकर वापस कारखाने से बाहर जाता था।
सूत्र बताते हैं कि आरटीओ रजिस्ट्रेशन में वेट लिखा होता है। इसकी जानकारी झांसी फाइनेंस विभाग को जब पता लगी तो विभाग ने ट्रक वेट का अंतर चैक करने के बाद इनवाइज बिल नहीं काटा। इसलिए यह ट्रक कारखाने से बाहर नहीं जा सकता था। पुष्ट सूत्रों के अनुसार बीएचईएल झांसी के एक अपर महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी ने फाइनेंस विभाग की आपत्ति इनवाइज बिल न काटने के बाद भी एक अपर महाप्रबंधक ने मामले को दबाने के लिए स्र्केप कॉपर से भरे ट्रक को डायरेक्ट कारखाने से बाहर निकाल दिया और ड्राइवर गाडी लेकर भाग गया। जब दोबारा गाडी स्र्केप कॉपर भरने आई तब यह मामला विजिलेंस विभाग को बताया गया तब जाकर कार्रवाई शुरू हो सकी।
सूत्र यह भी बताते हैं कि तौल कांटे में चिप लगाकर करोडों की हेराफेरी की जा रही है। यूं तो इस मामले को दबाने की काफी कोशिश भी की, लेकिन दुर्भाग्यवश हैदराबाद में चल रही विजिलेंस मीटिंग में झांसी विजिलेंस के एक अफसर ने सीएमडी और सीवीओ को यह सारी हेराफेरी की जानकारी दे डाली तब कहीं जाकर कार्रवाई शुरू हो गई। खास बात यह है कि इस मामले में बीएचईएल के सीएमडी और सीवीओ ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला गंभीर है। आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे बीएचईएल को भारी नुकसान उठाना पडा।
बीएचईएल के 6 अधिकारी और सुपरवाइजर सस्पेंड
बीएचईएल की झांसी यूनिट में करीब 25 करोड़ से ज्यादा का कॉपर घोटाला पकड़ा गया है। इस मामले में भेल झांसी के 6 अफसर और सुपरवाइजर एपी सांभल, केके गौतम, मनोज साहू, श्री भल्ला, सुनील कुमार सभी सुपरवाइजर और एक ठेका श्रमिक हरिराम को सस्पेंड कर दिया। इससे कंपनी को करोड़ों का चूना लग गया। मामला स्र्केप कॉपर घोटाले का है। गुरुवार को झांसी के सीनियर डीजीएम व प्रवक्ता दिनेश परते बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मोबाइल पर बात ही नहीं की बल्कि मीटिंग में बैठे होने का मैसेज डालते रहे।
