– अक्टूबर में मनेगी भेलकर्मियों की दीवाली
भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) जेसीएम की बैठक शुक्रवार को दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित की गई जिसमें सभी यूनिटों के यूनियन नेता और अधिकारी शामिल हुए। प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेखा जोखा यूनियन प्रतिनिधियों के सामने रखा। इसके बाद भेल कर्मचारियों के पीपी और एसआईपी बोनस का मुद्दे पर चर्चा हुई। यूं तो प्रबंधन से टे्रड यूनियन नेता 60 हजार रूपए बोनस की मांग कर रहे थे लेकिन प्रबंधन ने उन्हें 30 हजार बोनस दिए जाने पर रजामंद कर लिया। चेयरमेन व मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नलिन सिंघल ने बैठक में घोषणा कर दी कि सभी कर्मचारियों को 30 हजार बोनस दिया जाएगा। इस पर यूनियन नेताओं ने भी सहमति जता दी।
गौरतलब है कि अन्य मांगों पर भी जल्द विचार करने का भरोसा दिलाया। खास बात यह है कि कोरोना काल के बाद यानी 2020 में सिर्फ 5000 ही बोनस दिया गया था। वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-2023 दो वर्ष का बोनस दिया गया। यह बोनस अक्टूबर माह के वेतन के साथ दिया जाएगा। फिलहाल इससे भेल कर्मचारियों में खुशी की लहर व्याप्त है। बैठक में इंटक, बीएमएस, सीटू, एचएमएस और आल इंडिया भेल इम्पलाइज यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद थे।
भेल के अफसरों पर पर्क कटौती की मार
इधर जहां बीएचईएल के कर्मचारियों में प्लांट परफारमेंस और एसआईपी बोनस दिए जाने की चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है तो दूसरी ओर भेल के अफसरों पर पर्क कटौती की मार का दर्द अलग ही देखा जा सकता है। दरअसल सुपरवाइजर्स से लेकर कार्यपालक निदेशक के स्तर के अफसरों को 31 फीसदी पर्क की राशि दी जाती है। इस बैठक में यह फैसला लिए जाने की भी खबर है कि अब इन अफसरों को सिर्फ 15.50 प्रतिशत कटौती की जाएगी। हालांकि प्रबंधन ने अभी तक इसका सर्कुलर जारी नहीं किया नहीं इस खबर की पुष्टि की है। एचएमएस के महासचिव अमर सिंह राठौर की मानें तो यूनियन की कम से कम 30000 की डिमांड को प्रबंधन ने किया स्वीकार कर लिया। प्रतिनिधि मंडल में हेस्टु एचएमएस के महामंत्री अमर सिंह राठौर, जितेंद्र सक्सेना, मीडिया प्रभारी मनोज कुमार दीक्षित और संजय गुप्ता के अलावा ऐबू के वरिष्ठ नेता रामनारायण गिरी , बीएमएस और सीटू के वरिष्ठ नेता भी बैठक में मौजूद थे।
