भोपाल
भेल क्षेत्र में विकास कार्य जोरों पर है। कुछ सडक़ों का निर्माण कार्य जारी भी है लेकिन अभी भी क्षेत्र की आधी से ज्यादा सडक़ें बदहाल स्थिति में है। नगर निगम के विकास कार्यों की भी इन जर्जर और बदहाल सडक़ों ने पोल खोलकर रख दी है। एक साल पहले बनी इन सडक़ों ने डामर भी छोड़ दिया है। सिर्फ सडक़ पर बारीक गिट्टी ही नजर आ रही है। नालों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। आम नागरिक परेशान हैं,लेकिन नगर निगम ध्यान देने तैयार नहीं है। वाहन चालकों को इन सडक़ों पर दो पहिया , चार पहिया वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है। सडक़ में गड्ढे हैं या गड्ढों में सडक़ बारिश में यह समझ में नहीं आता। इसको लेकर जनता में खासी नाराजगी देखी गई है।
जानकारी के मुताबिक भेल क्षेत्र के कल्पना नगर,आनंद नगर, इंद्रपुरी, सोनागिरी, रजत नगर, निजामुद्दीन कालोनी, पटेल नगर, साकेत नगर,शक्ति नगर, बरखेड़ा पठानी, बरखेड़ा, पिपलानी बी सेक्टर , हबीबगंज, आदि कई दर्जनों कालोनियों की सडक़ों का इस बारिश ने स्वरूप ही बदल दिया है। जगह-जगह गड्ढे व कीचड़ होने से आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंद्रपुरी जुबली गेट से लेकर छत्तीसगढ़ लेबर कॉलोनी होते हुए भवानीधाम, नरेला जोड़ तक की सडक़ खस्ता हाल है। इसी तरह लोगों के घरों के सामने बड़े-बड़े गड्ढे हैं,जिनमें बारिश का पानी जमा हो गया है। इससे रहवासियों का रहना दूभर हो गया है। यहां की सडक़ों पर हमेशा भारी वाहनों का आना जाना लगा रहता है। इससे सडक़ें और खराब हो गई हैं। कुछ सडक़ों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
भेल टाउनशिप की अंदरूनी सडक़ें खराब
यूं तो भेल के मुखिया ने टाउनशिप के मुख्य मार्ग शास्त्री मार्केट से लेकर बरखेड़ा विजय मार्केट से होते हुए कस्तूरबा अस्पताल तक डामरीकृत सडक़ों का निर्माण करा दिया लेकिन बात करें पिपलानी,बरखेड़ा और गोविन्दपुरा के कुछ सेक्टरों की तो स्थिति ठीक नहीं है। ई सेक्टर मुख्य मार्ग से लेकर श्रीकृष्ण मंदिर तक और सेक्टरों की भीतर की सडक़े खराब व बड़े-बड़े गढ्ढे होने से रहवासियों का सडक़ पर निकलना मुश्किल है। फिर वाहन चालकों की बात तो दूर है।
क्षेत्र के नाले-नालियां चौक
बारिश में पानी से जहां सडक़ें खराब हो रही है तो नालियां चौक होने की वजह से लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। क्षेत्र के नाले थोड़ी सी बारिश में ही उफान पर आ जाते हैं। नगर निगम द्वारा नाले -नालियों की सफाई के दावे जरूर किए गए, लेकिन हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। नालों की सही तरीके से सफाई नहीं होने की वजह से यह कचरे और गंदगी से पटे पड़े हुए हैं। कुल मिलाकर हर साल की तरह इस साल भी लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र की आम जनता को उठाना पड़ रहा है। जनता की समस्याओं का समाधान करने की तरफ कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
