21.5 C
London
Sunday, June 14, 2026
Homeभेल न्यूज़पर्यटन और होटल प्रबंधन क्षेत्र मे शिक्षित युवाओं के रोजगार अवसरों में...

पर्यटन और होटल प्रबंधन क्षेत्र मे शिक्षित युवाओं के रोजगार अवसरों में तेजी से वृद्धि होगी:प्रो. ललित गौड़

Published on

— बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय में रोजगार की संभावनाओं विषय पर संगोष्ठी

भेल भोपाल।

बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय भेल भोपाल में यात्रा, पर्यटन और होटल प्रबंधन विभाग द्वारा ‘GIS-2025 : पर्यटन और होटल प्रबंधन में आधुनिक प्रवृतियाँ और रोजगार की संभावनाओं’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञ प्रो. ललित गौड़ ने बताया कि जीआईएस-2025 के तहत भारत में 2025 के अंत तक पर्यटन उद्योग में 4.6 करोड़ लोगों के लिये रोजगार अवसर निर्मित होने की संभावनाएँ हैं तथा पर्यटन और होटल प्रबंधन क्षेत्र में 68 करोड़ रूपए निवेश के प्रस्ताव आए हैं, जिससे इस क्षेत्र में नौकरी के साथ-साथ युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों की भी अपार संभावनाएँ बढ़ गई है।

प्राचार्य डॉ. संजय जैन ने कहा कि आर्थिक समृध्दि के साथ लोगों में घूमने-फिरने का प्रचलन बढ़ा है। इससे इस क्षेत्र के शिक्षित युवाओं के रोजगार अवसरो में तेजी से वृध्दि हुई है। शासकीय संस्थानों से पर्यटन एवं होटल प्रबंधन की डिग्री या डिप्लोमा संबंधी पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को रोजगार मिलने की संभावनाएँ और अधिक बढ़ जाती हैं।

विषय विशेषज्ञ एवं संगोष्ठी संयोजक प्रो. अनुपमा गीते ने बताया कि इस क्षेत्र में विविधता के कारण रोजगार अवसरों मे तेजी से वृद्धि हो रही है क्योंकि फिल्म टूरिज्म, क्रूज टूरिज्म, मेडीकल टूरिज्म, इवेंट टूरिज्म, रिलिजियस टूरिज्म, हिस्टोरिकल टूरिज्म, मेडीटेशन और योगा टूरिज्म आदि की प्रवृतियाँ बढ़ रहीं है। पर्यटन विभाग के पूर्व डीजीएम एवं विषय विशेषज्ञ महेश दीक्षित ने कहा कि मेडीटेशन और योग क्षेत्र में भी पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। भारत के इस क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को विश्वभर में कॅरियर बनाने की संभावनाएँ रहती हैं।

विषय विशेषज्ञ मधुमिता नंदी ने अतिथि सत्कार, होटल उद्योग में फ्रंटडेस्क प्रबंधन, बिक्री और विपणन प्रबंधन, खाद्य एवं पेय प्रबंध एवं कई अन्य कॅरियर अवसरों पर जानकारी दी। विषय विशेषज्ञ डॉ. ऊषा परिहार ने बताया कि मप्र का पर्यटन उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है। इससे नये-नये रोजगार सृजित हो रहे है। हर्बल और जड़ी-बूटियों की दृष्टि से मध्यप्रदेश बहुत समृध्द है, इससे भी मध्यप्रदेश के पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है। संगोष्ठी का संचालन एवं आभार संयोजक प्रो. अनुपमा गीते ने किया तथा विषय विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार शर्मा, डॉ. अविनाश कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे।

Latest articles

MSME इकाइयों को ₹360 करोड़ की मदद; CM यादव ने कहा – औद्योगिक विकास में मध्य प्रदेश सबसे आगे

भोपाल। राज्य में उद्योग, निवेश और रोज़गार को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित...

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

More like this

हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स यूनियन में नई कार्यकारिणी गठित: संजय चौधरी अध्यक्ष और कमलेश नागपुरे फिर बने महामंत्री

भोपाल। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध 'हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स यूनियन'  बीएचईएल भोपाल की वार्षिक...

भेल की इंसेंटिव स्कीम की समीक्षा के लिए 3 जुलाई को भोपाल में होगी संयुक्त समिति की बड़ी बैठक

भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) कॉर्पोरेट कार्यालय, नई दिल्ली के अतिरिक्त महाप्रबंधक एवं...

बेहतर ईलाज का भरोसा दिलाकर सोनागिरी के बीमा अस्पताल को 3 साल पहले सुपर स्पेशलिस्ट तो बना दिया लेकिन सुविधाऐं नदारद

भोपाल और मंडीदीप के 4 लाख बीमित परिवार कराता है भोपाल। केंद्र सरकार के कर्मचारी...