-चंद्रयान- 3 की उड़ान में बीएचईएल की अहम भूमिका
भोपाल
देश के ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बनेगा बीएचईएल दुनियाभर में भारत ने इतिहास बनाते हुए इसरो ने शुक्रवार को दोपहर 2.35 बहुप्रतिक्षित चंद्रयान-3 को लांच कर दिया है। 16 मिनट बाद रॉकेट ने इसे पृथ्वी की ऑर्बिट में प्लेस किया। चंद्रयान की उड़ान में बीएचईएल की अहम भूमिका हैं क्योंकि इसमें बीएचईएल द्वारा निर्मित उपकरण लगाए गए हैं। इसके सफल प्रक्षेपण के लिए एसडीएससी श्रीहरिकोटा को बीएचईएल ने बधाई दी है।
गौरतलब है कि चंद्रयान 3 में प्रयुक्त बैटरी तथा प्रोपल्शन मॉड्यूल बीएचईएल द्वारा निर्मित हैं। इसके साथ साथ टाइटेनियम प्रोपेलेंट टैंक भी बीएचईएल द्वारा ही निर्मित हैं। बीएचईएल पिछले दो दशकों से इसरो के साथ उनके अभियान में सहभागिता कर रहा है। इधर इसरो चीफ एस सोमनाथ ने इस सक्सेसफुल लॉन्च के बाद कहा कि चंद्रयान 3 ने चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है। 23 अगस्त को शाम 5.47 बजे चंद्रयान 3 की सॉफ्ट लैंडिंग प्लान की गई है। चंद्रयान 3 के इस ऐतिहासिक मिशन में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड द्वारा निर्मित उपकरण लगाए गए हैं।
-100 स्पेस-ग्रेड बैटरी की आपूर्ति कर बनाया इतिहास
देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन उपकरण निर्माता बीएचईएल ने चंद्रयान -3 मिशन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को 100 स्पेस-ग्रेड बैटरी की आपूर्ति कर एक मील का पत्थर साबित किया है। पिछले कई सालों से भेल आईएनएसएटी, जीएसएटी, आईआरएनएसएस और आरआईएसएटी जैसे महत्वपूर्ण मिशन के लिए इसरो को बैटरी की आपूर्ति कर रहा है।
– बीएचईएल-ईएसडी, बेंगलुरु में निर्मित
स्पेस-ग्रेड ली-आयन सेल का निर्माण बेंगलुरु में बीएचईएल के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिवीजन (ईएसडी) में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों के साथ किया है। ये बैटरियां निकेल-कैडमियम, निकेल-हाइड्रोजन और लिथियम-आयन सहित विभिन्न प्रकार के रसायन विज्ञान का उपयोग करती हैं।
