– गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित स्थापित क्षमता के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के संयुक्त प्रयासों पर जोर
नई दिल्ली।
भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने देश के नवीकरणीय ऊर्जा विकास में तेजी लाने के लिए सहयोग के अवसर तलाशे। बुधवार को आयोजित एक बैठक में आईआरईडीए के सीएमडी प्रदीप कुमार दास और बीएचईएल के सीएमडी कोप्पू सदाशिव मूर्ति ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित स्थापित क्षमता के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के संयुक्त प्रयासों पर चर्चा की।
इन प्रमुख केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के नेताओं ने सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया और उनके सहयोग के महत्व पर जोर दिया। बैठक में बीएचईएल के निदेशक (वित्त) राजेश कुमार द्विवेदी भी शामिल हुए और चर्चा के दौरान अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।
सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए आईआरईडीए के सीएमडी ने कहा कि आईआरईडीए और बीएचईएल के बीच तालमेल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं में महत्वपूर्ण योगदान देगा। भारत 2030 तक 500 गीगावॉट लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह साझेदारी 2047 के लिए देश के विकसित भारत दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत के लिए एक स्थायी ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक कदम है। दोनों संगठनों ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियों पर काबू पाने और स्वच्छ और हरित भारत में योगदान देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
