भोपाल
भेल के गेट क्रमांक 5 के सामने क्रांति स्थल पर थ्रिफ्ट के एक बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए सत्यमेव जयते पैनल के उम्मीदवार निशांत नंदा ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में वर्तमान संचालक मंडल ने घोटालों के नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं । संस्था के कर्ताधर्ताओं ने ऑनलाइन लोन डॉटा में छेड़छाड़ करते हुए औशतन 52 लाख का घोटाला किया है।
उन्होंने 10 अगस्त 2019 की आम सभा में घोषणा की थी कि लोन की ब्याज दर को 10.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा और इसे 1 अप्रैल 2018 की तिथि से लागू किया गया है परंतु मिली भगत के चलतेे सदस्यों की आंखों में धूल झोंकते हुए ब्याज दर को गुपचुप तरीके से 10 सितंबर 2019 से 11 प्रतिशत कर दिया और लगातार 8 महीने तक एक प्रतिशत की वसूली सदस्यों से की जाती रही। जिसे बाद में गुपचुप तरीके से 10 मई 2020 से 11 प्रतिशत को घटाकर वापस 10 प्रतिशत कर दिया गया।
इन 8 महीनों में संस्था के सदस्यों पर लगभग 74 करोड़ के ओशतन लोन पर सदस्य से लगभग 52 लाख रुपए अतिरिक्त ब्याज वसूला गया व इस 52 लाख के अतिरिक्त व्याज का चक्रवृद्धि ब्याज सदस्य से अभी भी वसूला जा रहा है। इस प्रकार यह घोटाला एक करोड़ से ऊपर का पहुंच चुका है। उनका आरोप है कि जब इस प्रकार की छेड़छाड़ डॉटा में की जा सकती है तो थ्रिफ्ट, एफडी, आरडी , बचत बाजार का स्टॉक और संस्था के विभिन्न फंड में भी छेड़छाड़ से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पैनल के उम्मीदवार दीपक गुप्ता ने कहा कि यह घटना 2019 की है जिसमें संस्था के कर्ताधर्ताओं ने एकजुट होकर इस घटना को अंजाम दिया । इस घोटाला में संस्था के कुछ अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है । ब्याजदर में शॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ भ्रष्टाचार का एक नमूना मात्र है। श्री नंदा और गुप्ता ने इस मामले की जांच की मांग की है ।
इनका कहना है –
यह आरोप पूरी तरह गलत है संचालक मंडल की सहमति से ब्याज दर बढ़ाई और घटाई इसमें घोटाले जैसी कोई बात ही नहीं । यह बात सिर्फ सदस्यों को भ्रमित करने के लिये की जा रही है।
बंसत कुमार अध्यक्ष,थ्रिफ्ट सोसायटी
