– पॉली क्लीनिक से ईएसआई को भी जोड़ेंगे
भोपाल
एक ही स्थान पर स्त्री रोग, नेत्र रोग, दंत रोग, शिशु रोग सहित अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री संजीवनी पॉली क्लीनिक शुरू किये जा रहे हैं। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भोपाल में 32 मुख्यमंत्री संजीवनी पॉली क्लीनिक खुलेंगे । स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी शुक्रवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गोविंदपुरा में किया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा है कि भोपाल नगर में 32 मुख्यमंत्री संजीवनी पॉली क्लीनिक शुरू किये जाएंगे। पॉली क्लीनिक में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ उपचार के लिये उपलब्ध रहेंगे। साथ ही विभिन्न जांच और दवाइयां नि:शुल्क उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
हाल ही में मंत्री परिषद द्वारा 226 नई स्वास्थ्य संस्थायें शुरू करने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने विद्यार्थियों को मातृभाषा हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई की सुविधा दी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोरोना की चुनौती का डट कर सामना किया और कोरोना पर विजय प्राप्त की। स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर अन्य देशों को भी उपलब्ध करवाई गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में व्यक्ति के निर्माण की अवधारणा को केन्द्र में रख राष्ट्र्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार कर गोविंदपुरा क्षेत्र में पाली क्लीनिक शुरू की जा रही है। पॉली क्लीनिक से ईएसआई को भी जोड़ेंगे, जिससे औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ होगा।
मंत्री श्री सारंग ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी के रायसेन जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की बात कही। विधायक श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि गोविंदपुरा और आस-पास के क्षेत्र के नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की सुविधा मुख्यमंत्री संजीवनी पॉली क्लीनिक में प्राप्त होगी। यह क्षेत्र के लिये बड़ी सौगात है। प्रारंभ में एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास ने संजीवनी पॉली क्लीनिक की रूपरेखा प्रस्तुत की। स्थानीय जन-प्रतिनिधि और स्वास्थ्य अधिकारी एवं नागरिक मौजूद थे।
इस अस्पताल में मिल सकेंगी बेहतर सुविधाऐं
जीआईए की पहल पर स्वास्थ्य विभाग ने फायर बिग्रेड भवन के पास भूमि आरक्षित कर दो मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण करवाया है। इसके शुरू होने से तीस हजार श्रमिकों के अलावा आसपास की चार दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों और मोहल्लों के लोगों को बेहतर और अपने नजदीकी क्षेत्र में इलाज की सुविधा मिलेगी। भेल क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी डिस्पेंसरियां हैं, लेकिन बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । 20 बिस्तरों की इस डिस्पेंसरी शुरू होने से औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों के अलावा आसपास की कॉलोनियों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। बीस बिस्तरों की सुविधा रहेगी पांच हजार स्क्वायर फीट भूमि पर बने डिस्पेंसरी भवन में दो बड़े हाल और 12 कमरे हैं। यहां मरीजों को भर्ती करने के लिए 20 बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी। 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा भी डिस्पेंसरी में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के अलावा फिजीशियन सर्जन, पैरामेडिकल स्टॉफ के अलावा पैथालॉजी, एक्स-रे, एंबुलेंस, दवा वितरण केन्द्र के अलावा इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे मुहैया होंगी।
