बीएचईएल-टीडब्ल्यूएल (बीएचईएल-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड) कंसोर्टियम को वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण-सह-रखरखाव के लिए रेलवे के सबसे बड़े टेंडरों में से एक 80 वंदे भारत ट्रेनों का ऑर्डर मिला है । 200 ट्रेनों के लिए प्रतिष्ठित निविदा में बीएचईएल के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम कड़ी प्रतिस्पर्धा के तहत एल-2 बोलीदाता के रूप में सामने आया। उसने 80 वंदे भारत ट्रेनों के लिए अनुबंध किया है जिसका मूल्य 23,000 करोड़ रूपये से अधिक (करों और शुल्कों को छोड़कर) है ।
ऑर्डर मूल्य में 9,600करोड़ रुपये के ट्रेनसेट की आपूर्ति और 35 वर्षों की अवधि के लिए उसके रखरखाव के लिए शेष राशि शामिल है । यह ऑर्डर कंपनी के विविधीकरण अभियान में एक प्रमुख मील का पत्थर है । इसके लिए बुधवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके लाहोटी और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के चेयरमैन व सीएमडी डा. नलिन सिंघल के बीच अपर महाप्रबंधक मार्केटिंग संतोष कुमार और रेलवे बोर्ड की तरफ से वरिष्ठ अधिकारी ईडी रोलिंग स्टॉक अप्पा राव ने एमओयू पर साइन किए हैं। इस मौके पर बीएचईएल की डायरेक्टर रेणुका गेरा व बैंगलूरू की ईडी बानी वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
गौरतलब है कि कंसोर्टियम अपनी विनिर्माण सुविधाओं और भारतीय रेलवे की आईसीएफ-चेन्नई सुविधा में 80 ऊर्जा कुशल वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण, परीक्षण, कमीशन और आपूर्ति करेगा । ट्रेनों की डिजाइन/ऑपरेटिंग स्पीड 176/160 किमी प्रति घंटा (सेमी-हाई स्पीड) होगी । बीएचईएल भारतीय रेलवे को रोलिंग स्टॉक इलेक्ट्रिक्स के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक होने के साथ इसका दायरा आईजीबीटी-आधारित ट्रैक्शन कन्वर्टर-इन्वर्टर, सहायक कनवर्टर, ट्रेन नियंत्रण प्रबंधन प्रणाली, मोटर्स, ट्रांसफार्मर और मैकेनिकल बोगी की आपूर्ति को कवर करेगा ।
