– पश्चिम ओडिशा के 40 से ज्यादा कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
भोपाल
संबलुरी परिवार ने 11 वां नुआखाई भेटघाट कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें भोपाल में रहने वाले लगभग 400 प्रवासियों ने योगदान दिया। कार्यक्रम में पश्चिम ओडिशा के लगभग 40 कलाकारों ने भाग लिया और अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रारंभ में पूजक विभुती भूए की पूजा इस्टदेवी मां समलेश्वरी की विधि के अनुसार की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गायक दिलेश्वर विश्वाल के समलेश्वरी भजन से हुई। सुंदरगढ़ ओडिशा से आए हुए मयूरी सांस्कृतिक दल ने भोपाल में रहने वाले पश्चिमी ओडिशा की प्रवासी आबादी की धुनों पर नृत्य किया।
इसके साथ ही पश्चिम ओडिशा के विभिन्न सांस्कृतिक समूहों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। भोपाल के गायक प्रणीति, दिलेश्वर विश्वाल, टीहीलू बाग, दुर्गा और नंदिनी ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी। जहां पश्चिमी ओडिशा की प्रवासी महिलाओं का नृत्य प्रदर्शन मनमोहक था, वहीं छोटी छोटी बच्चों के प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉ. डीके सतपथी, जीएन साहू, एससी होता, आरके बारिक, मिनकेतन नाइक, डॉ प्रतीक बेहरा अतिथि के रूप में शामिल हुए और पारंपरिक सांस्कृतिक पत्रिका कंहर’ के 7वें संस्करण का उन्मोचन किया।
बरगढ़ ओडिशा के किशोर मिश्रा द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक भोजन परोसा। इसमें लेथा, काकरा, रसबारा कोर्डी में बने विभिन्न व्यंजनों का खूब लुत्फ उठाया। हर साल की तरह इस साल भी मां समलस्वरी की मूर्ति मंत्रमुग्ध कर देने वाली थी, जबकि डालखाई, रसरकेली, मइला जड़, भाई जूंतीया के साथ रंगारंग गीतों ने दर्शकों को पूरे दिन बांधे रखा।
कार्यक्रम का संचालन डीलेश्वर विस्वाल ने किया जबकि अध्यक्ष भाबग्रही प्रधान ने स्वागत भाषण दिया। अंत में किशोर केरकेटा ने सभी को धन्यवाद दिया। इस मौके पर संजीव नंदा, प्रदीप माझी, भवानी खमारी, दिलीप मिश्रा, बिस्वजीत माझी, योगेन्द्र किशन, जीतेन्द्र त्रिपाठी, रमेश प्रधान, महेश्वर किशन आदि मौजूद रहे।
