भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के 40 साल से कोर्ट में चल रहे एक मामले में हाल ही में हाईकोर्ट ने हबीबगंज स्थित औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों से दो टूक शब्दों में कहा है कि वह पहले बीएचईएल को 40 साल की लाइसेंस फीस यानि किराये का भुगतान करें इसके बाद कोर्ट सुनवाई करेगा। बिना पूर्वाग्रह के बीएचईएल से आपस में बैठकर बातचीत हो और बीएचईएल इस पूरे मामले का निरीक्षण करे। इसके लिए भेल प्रबंधन ने वीडियोग्राफी और निरीक्षण का काम शुरु कर दिया है।
हाइकोर्ट के विद्वान न्यायाधीश द्य के इस आदेश से इस मामले के सुलझने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इसकी अगली पेशी 25 नवम्बर 2024 तय की गई। हबीबगंज स्थित फारवर्ड इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज, कानपुर लेक वक्र्स, लाईट फेब्रीकेशन वक्र्स, मेहता इंडस्ट्रीज, शैली प्रोडक्ट, सौरभ मैटल प्राइवेट लिमिटेड, रणबीर इंजीनियरिंग, टेस्ला इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज, टेस्ला इलेक्ट्रानिक्स एंड स्वीचगियर, टूल मास्टर्स और एक्सलसियर इंडस्ट्रीज की इस मामले में सुनवाई होगी।
