– प्रगतिशील पैनल के 5,सत्यमेव जयते पैनल 3,पारदर्शी पैनल 2 और आदर्श पैनल के 1 उम्मीदवार जीते
– दो उम्मीदवार गिरी व शुक्ला को मिले बराबर वोट,टाई के बाद शुक्ला को किया विजयी घोषित
भोपाल
बीएचईई थ्रिफ्ट एंड के्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चुनाव में रविवार को मतदाताओं ने जमकर मतदान किया । मतदान का प्रतिशत 75 फीसदी रहा । 4600 मतदाताओं में 3613 ने वोट डाले । सुबह से ही हर पोलिंग बूथ पर वोट डालने वालों की लंबी-लंबी कतार देखी गई । इस बार बीएचईएल के अफसरों और सुपरवाइजरों ने मतदान में जमकर भाग लिया । पहले राउंड से ही जो उम्मीदवार अपनी बढ़त बनाये हुये थे वह आखिरी राउंड में हार गये ।
इस उलटफेर का कारण पहली बार सत्यमेव जयते पैनल के नाम से इस चुनाव में उतरे उम्मीदवारों ने आखिरी समय में इस पैनल के 3 उम्मीदवार दीपक गुप्ता,निशांत नंदा,राजकुमार इड़पाची ने जीत दर्ज कर ली वहीं प्रगतिशील पैनल के 5 उम्मीदवार बसंत कुमार,रजनीकांत चौबे,निशा वर्मा,आशीष सोनी,राजमल बैरागी ने जीत दर्ज कर ली । मजेदार बात यह है कि इस पैनल के उम्मीदवार रामनारायण गिरी और आदर्श पैनल के राजेश शुक्ला को बराबर-बराबर वोट मिलने से इनका चुनाव टाई हो गया ।
पारदर्शी पैनल जो शुरू के रूझान में बढ़त बनाये हुये थी उसे अंतिम राउंड में हार का सामना करना पड़ा । इस पैनल से एकमात्र उम्मीदवार कमलेश नागपुरे को ही जीत मिल पाई । स्वतंत्र उम्मीदवार अपना जलवा नहीं दिखा पाये । भेल संकल्प और स्वास्तिक पैनल का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया । इन पैनलों के उम्मीदवार मतदाताओं में पैठ बनानें में कामयाब नहीं हो पाये वहीं सत्यमेव जयते पैनल ने पहली बार चुनाव मैदान में उतरकर भेल के बड़े नेताओं को शिकस्त दे दी ।
ऐसा लोगों को भरोसा नहीं था कि यह पैनल पहली बार में ही अपना जलवा दिखा पायेगी । इस पैनल ने जीत दर्ज कर रिकार्ड बनाया है । बड़ी बात यह है कि भले ही प्रगतिशील पैनल ने 5 सीट हासिल की हो लेकिन इस पैनल के 1 उम्मीदवार पर्ची डलने के बाद 2 उम्मीदवारों के बीच बराबर-बराबर वोट मिलने के कारण चुनाव अधिकारी ने पर्ची डलाकर जीत-हार का फैसला किया इसमें इस पैनल के रामनारायण गिरी को हार का सामना करना पड़ा तो आदर्श पैनल के राजेश शुक्ला को विजयी घोषित किया गया इस हिसाब से अब प्रगतिशील पैनल थ्रिफ्ट की सत्ता दूर हो गई है जबकि सत्ता सुख पाने के लिये 6 संचालकों की जरूरत होती है । अब 15 नवंबर को नये अध्यक्ष का फैसला लेना होगा ऐसे में जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो जायेगी ।
पिछले डायरेक्टर बंसत कुमार,कमलेश नागपुरे,राजेश शुक्ला को मतदाताओं ने एक बार फिर चुन लिया है बाकी डायरेक्टरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है । वहीं पूर्व डायरेक्टर गौतम मोरे,भीम धुर्वे,राजकुमार सोनी,सतेन्द्र कुमार,संजय गुप्ता को आखरी समय में हार का सामना करना पड़ा । गौरतलब है कि यह चुनाव पिछले 10 माह से काफी विवादों में रहे यही कारण है कि कुछ डायरेक्टरों को हार का सामना करना पड़ा । संस्था के अध्यक्ष बसंत कुमार ने जीत हासिल कर बहुमत तो प्राप्त कर लिया था लेकिन उनके एक प्रत्याशी का मामला टाई हो जाने के कारण पूर्ण बहुमत प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाये ।
15 बूथों पर हुआ मतदान
भेल थ्रिफ्ट सोसायटी संचालक मंडल के लिए मतदान सुबह 9.30 बजे से शुरू होकर शाम 4.30 बजे तक हुआ। इसके बाद शाम 6 बजे से वोटों की गणना शुरू हुई। इस दौरान प्रत्याशियों के बीच काफी उठा पटक चलती रही। जो प्रत्याशी शुरू में आगे चल रहे थे वे 8वें राउंड के बाद पीछे होने लगे। वहीं पीछे चलने वाले प्रत्याशी लीड करते नजर आए। देर रात आए चुनाव परिणाम में कुछ अपनी बढ़त बनाए रहे और लीड करते हुए जीत हासिल की तो कुछ जीत की कगार पर पहुंचने के बाद भी कुछ वोटों के अंतर से हार गए।
महिलाओं में भी रही कश्मकश
चुनावी मैदान मेंं उतरीं महिला उम्मीदवारों मेें भी काफी कश्मकश रही। इसमें सभी को पीछे करते हुए प्रगतिशील पैनल के बैनर तले चुनाव लड़ रहीं युवा प्रत्याशी निशा वर्मा 1335 मत हासिल कर पहले स्थान पर रहीं तो भेल पारदर्शी पैनल की किरण दूसरे नंबर पर रहीं। बता दें कि संचालक मंडल में महिलाओं की दो सीट होने से एक सीट प्रगतिशील पैनल को और एक सीट भेल पारदर्शी पैनल के खाते में गई।
इनका कहना है
भेल सांस्कृतिक भवन पिपलानी में सुबह 9.30 बजे से शुरू हुआ मतदान शांति पूर्वक 4.30 बजे समाप्त हुआ। इसमें 4600 मतदाताओं मेंं से 3613 ने वोट किए। यह करीब 79 प्रतिशत रहा। शाम 6 बजे से मतगणना शुरू हुई और देर रात परिणामों की घोषणा की गई। इसमें राम नारायण गिरी और राजेश शुक्ला का 825-825 वोट मिलने पर पर्ची डलवाई गई, जिसमें राजेश शुक्ला विजयी रहे।
मूलचंद किशोरे, निर्वाचन अधिकारी थ्रिफ्ट सोसाइटी चुनाव
