भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्य प्रदेश ने इस वर्ष से छात्र हित में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए दशकों पुरानी पूरक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब ‘द्वितीय परीक्षा’ आयोजित की जाएगी, जिसमें न केवल अनुत्तीर्ण (फेल) छात्र शामिल होंगे, बल्कि वे विद्यार्थी भी हिस्सा ले सकेंगे जो पास होने के बावजूद अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं और बेहतर परिणाम चाहते हैं।
नई व्यवस्था के तहत, छात्र अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए किसी भी विषय की परीक्षा दोबारा दे सकते हैं और खास बात यह है कि मुख्य परीक्षा तथा द्वितीय परीक्षा में से जिस भी परीक्षा में छात्र के अंक अधिक होंगे, उन्हें ही अंतिम परिणाम के रूप में मान्य किया जाएगा।
बोर्ड द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह द्वितीय परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी। हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षाएं 25 मई तक और हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षाएं 19 मई तक चलेंगी। पहले की पूरक परीक्षा व्यवस्था में विषयों की संख्या सीमित थी (10वीं में दो और 12वीं में एक), लेकिन अब सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किया गया है। परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के सात दिनों के भीतर एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से आवेदन करना होगा। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से छात्रों का मानसिक तनाव कम होगा और उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता को और बेहतर ढंग से साबित करने का मौका मिलेगा।
