भोपाल।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), भोपाल के 11 अफसरों की नौकरी खतरे में समयपूर्व सेवानिवृत्ति के तहत भेल प्रबंधन ने इन्हें नोटिस जारी कर दिये हैं वहीं स्थानीय भेल प्रबंधन ने इस मामले पर कोर्ट में कैविएट दायर कर दी है । इस आदेश से भेल में हड़कंप मचा हुआ है । अधिकारी ही नहीं बल्कि सुपरवाईजर और कर्मचारी भी डरे हुये हैं । सूत्रों से मिली खबर यह है कि भेल के यूनियन के चंद नेताओं को दिये गये व्हाईट पास पर गाज गिर सकती है ।
दरअसल इस पास के नियमों का उल्लंघन चंद नेता कर रहे हैं इसकी खबर भेल दिल्ली कॉरपोरेट ही नहीं बल्कि केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्रालय तक पहुंच चुकी है । प्रबंधन काफी सख्त नजर आ रहा है । इस खबर के बाद काम करने वाले अधिकारी,सुपरवाईजर और कर्मचारी भेल कारखाने में समय पर पहुंचेंगे । यह जरूरी है कि इस सख्ती से कारखाने में वित्तीय वर्ष 2025—2026 के आखिरी सवा दो माह में उत्पादन को गति मिलेगी लेकिन कुछ अफसरों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया है कि यह भेल प्रबंधन का समयपूर्व सेवानिवृत्ति का नोटिस न्याय संगत नहीं है ।
प्रबंधन के मुताबिक यदि जिन अफसरों को नोटिस जारी किये हैं वह चाहें तो बीएचईएल की समयपूर्व सेवानिवृत्ति नीति के प्रावधानों के अंतर्गत आदेश की सूचना प्राप्त होने की तिथि से सात कार्य दिवसों के भीतर अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपील प्रस्तुत कर सकते हैं। यह अपील कार्यमुक्ति (रिलीविंग) से पूर्व की जा सकेगी। यह आदेश नियुक्ति प्राधिकारी की ओर से बीएचईएल भोपाल इकाई के मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी किया गया है।
आदेश की प्रति संबंधित महाप्रबंधक (एचआर), कार्यपालक निदेशक कार्यालय, वित्त-वेतन विभाग तथा व्यक्तिगत सेवा अभिलेख हेतु प्रेषित की गई है। बीएचईएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय दंडात्मक नहीं है, बल्कि कंपनी की समयपूर्व सेवानिवृत्ति नीति के अंतर्गत एक नीतिगत निर्णय है। पात्रता अनुसार सभी सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएंगे, हालांकि सेवानिवृत्ति के पश्चात वे बीएचईएल में पुनर्नियोजन अथवा पुनः संविदा पर नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे।
