भोपाल। मप्र की राजधानी और सांस्कृतिक गौरव से जुड़ी एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने भोपाल के संस्थापक व महान परमार शासक सम्राट राजा भोज एवं गोंडवाना साम्राज्य की अंतिम हिंदू शासक वीरांगना महारानी कमलापति के सम्मान में विशेष ‘स्मारक डाक टिकट’ जारी करने के प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि इन दोनों महान विभूतियों के ऐतिहासिक योगदान को चिरस्थायी बनाने और आने वाली युवा पीढ़ी को उनके अद्वितीय कार्यों से प्रेरणा मिल सके, इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर विशेष डाक टिकट जारी करने का पुरजोर आग्रह किया था, जिसका मंत्रालय द्वारा जारी स्वीकृति पत्र अब प्राप्त हो गया है। स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि सम्राट राजा भोज भारतीय इतिहास के एक ऐसे यशस्वी और प्रतापी शासक थे, जिन्होंने शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, स्थापत्य, जल प्रबंधन एवं सुशासन के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अद्वितीय योगदान दिया।
भोपाल का ऐतिहासिक ‘बड़ा तालाब’ (भोजताल) सहित अन्य जल धरोहरें उनकी दूरदर्शी सोच और जनकल्याणकारी कार्यों का जीवंत उदाहरण हैं, जो आज भी भारतीय सभ्यता और मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर सीना ताने खड़ी हैं। सांसद ने कहा कि राजा भोज का विराट व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण, विद्या की उन्नति और लोककल्याण के पथ पर आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। सांसद शर्मा ने गोंडवाना की शान महारानी कमलापति को याद करते हुए कहा कि वे साहस, अद्वितीय त्याग, स्वाभिमान एवं नारी शक्ति की अनुपम प्रतीक थीं। उनका संघर्ष और राष्ट्रहित में दिया गया योगदान हमारे प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक चेतना का एक बेहद गौरवशाली व महत्वपूर्ण अध्याय है।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इन दोनों महान राष्ट्र-नायकों के नाम पर जारी होने वाले ये स्मारक डाक टिकट मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, शौर्य गाथा और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई और भव्य पहचान प्रदान करेंगे। इस घोषणा के बाद से भोपाल के नागरिकों और इतिहासकारों में हर्ष का माहौल है।
