भोपाल
रायसेन रोड, पटेल नगर स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। शनिवार को नवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में विधि-विधान से जवारे पूजन और विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
भक्तिमय रहा नौ दिनों का वातावरण दादाजी धाम मंदिर में प्रतिपदा से ही माता रानी की विशेष आराधना की जा रही थी। पूरे नौ दिनों तक मंदिर प्रांगण में प्रतिदिन विशेष पूजन, पाठ, आरती और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। अनुष्ठानों के चलते संपूर्ण क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक बना रहा। शनिवार को समापन अवसर पर पंडितों के सानिध्य में जवारों का विधिपूर्वक पूजन किया गया और तत्पश्चात मंदिर प्रांगण में ही जवारे विसर्जित किए गए।
समृद्धि और नवजीवन का प्रतीक हैं जवारे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में बोए गए जवारे (जौ) माता दुर्गा की विशेष कृपा, सुख-समृद्धि और हरियाली के प्रतीक माने जाते हैं। विसर्जन के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि जवारे की अच्छी वृद्धि परिवार में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देती है। यह परंपरा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
भक्तों ने लिया आशीर्वाद विसर्जन के दौरान ‘जय माता दी’ और ‘दादाजी महाराज की जय’ के जयघोष से परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर उपस्थित भक्तगणों ने माता रानी और दादाजी का आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके जीवन में सुख, शांति और उन्नति की मंगल कामना की है।
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