भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी में स्थित आर्य समाज मंदिर के पास संचालित शराब दुकान के खिलाफ जनआक्रोश अब राजनीतिक सीमाओं को लांघ चुका है। गुरुवार को इस दुकान को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेता एक साथ सड़क पर उतरे। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन को खुली चेतावनी दी कि यदि दुकान जल्द बंद नहीं हुई, तो वे स्वयं वहां तालाबंदी करेंगी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि यह शराब दुकान आर्य समाज मंदिर से मात्र 40 मीटर की दूरी पर स्थित है। नियमतः धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहाँ खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पिछले एक वर्ष से रहवासी इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने अब उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने खुद मौके का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को दुकान हटाने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की सुस्ती पर रहवासियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है।

प्रदर्शन के दौरान एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला जब क्षेत्रीय भाजपा पार्षद शिखा मोनू गोहिल और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व वाले इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों में सचिन दास बब्बा, रवि शर्मा, लवनीश भाटी और पूर्णेन्दु शुक्ला सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र की शांति और सामाजिक मर्यादा की रक्षा के लिए इस अवैध दुकान का हटना अनिवार्य है। प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन और तालाबंदी की जिम्मेदारी शासन की होगी।
