भोपाल। राजधानी के अवधपुरी क्षेत्र में रिहायशी इलाके के बीच शराब दुकान खोलने के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को धरने के 21वें दिन भोपाल के सांसद आलोक शर्मा प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद महिलाओं का दर्द छलक पड़ा कई माताएं-बहनें सांसद के सामने फूट-फूट कर रोने लगीं।
उन्होंने आपबीती सुनाते हुए कहा कि शराब दुकान के कारण उनका घर से निकलना दूभर हो गया है और वे अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय महिलाओं और बुजुर्गों की पीड़ा सुनने के बाद सांसद आलोक शर्मा ने मौके से ही तत्काल कलेक्टर भोपाल और आबकारी आयुक्त को फोन लगाया। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की गंभीर स्थिति और जन-आक्रोश से अवगत कराते हुए निर्देश दिया कि इस शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से आबादी क्षेत्र से कहीं और शिफ्ट किया जाए।

सांसद ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि अगले तीन दिनों के भीतर इस समस्या का उचित समाधान निकाल लिया जाएगा। आंदोलनकारियों ने सांसद को पिछले 21 दिनों का पूरा विवरण और पिछले दो दिनों में क्षेत्र में हुई अप्रिय घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों रहवासियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि अगले 5 दिनों के भीतर दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
सांसद के दौरे के दौरान अवधपुरी क्षेत्र जबरदस्त नारेबाजी से गूंज उठा। ‘शराब दुकान हटाओ, बस्ती बचाओ’ के नारों के साथ रहवासियों ने अपनी एकजुटता दिखाई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर स्कूल और मंदिर के समीप इस शराब दुकान को संचालित नहीं होने देंगे।
