भोपाल। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं हो पाने के विरोध में सोमवार को राजधानी की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ा। मध्य प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश सरकार की महिला मंत्री, सांसद और हज़ारों महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बहनों के अधिकारों को कुचलने के विरोध में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई पद यात्रा लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंची। यहाँ सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “नारी सब भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।
कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने बिल गिरने पर जश्न मनाकर मातृशक्ति का अपमान किया है।” मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाले तब कहाँ थे जब बहनों के अधिकारों को फांसी दी जा रही थी? उन्होंने तीन तलाक का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस को उसके “अतीत” की याद दिलाई। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि बहनें अपना आक्रोश दिखाएं। उन्होंने कहा, “कांग्रेसियों के घर जाकर पूछें कि जो बहन आपके घर की शोभा बढ़ाती है, उनके सपनों को चूर-चूर करने का हक आपको किसने दिया?” वहीं महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को गिराना अपमान का प्रतीक है और अब याचना नहीं, बल्कि रण होगा।
सागर सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि यह बिल महिलाओं के नेतृत्व का मार्ग था, जिसे इंडी गठबंधन ने बंद कर दिया है। विपक्ष चाहता है कि महिलाएं सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनी रहें। रैली में पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह अपनी बेटी अंजलि के साथ शामिल हुईं, जबकि मंत्री प्रतिमा बागरी सहित अन्य महिला नेताओं ने भी विपक्ष के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम का समापन रोशनपुरा चौराहे पर मुख्यमंत्री द्वारा काले गुब्बारे उड़ाकर किया गया, जो विपक्ष के प्रति विरोध का प्रतीक बने।
