महामहिम राज्यपाल ने किया भोजपाल महोत्सव मेले का भ्रमण, मेला अध्यक्ष के नेतृत्व में समिति ने की आगवानी
देश भर के अलग-अलग राज्यों से आए दुकानदारों से भेंटकर की और उनके उत्पादों की जानकारी ली
भोपाल. राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर चल रहे भोजपाल महोत्सव मेला में महामहिम राज्यपाल मंगु भाई पटेल शुक्रवार शाम को मेला देखने पहुंचे। शाम 7.30 बजे मेला पहुंचने पर मेला अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी और महामंत्री हरीश कुमार राम सहित मेला टीम ने ढोल ढमाकों के साथ भव्य अगवानी की। मेला भ्रमण के दौरान अलग-अलग राज्यों से आए दुकानदारों से भेंट की और उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। मेले में आए नागरिकों से संवाद कर मेले से संबंधित गतिविधियों के बारे में पूछा। इस दौरान मेले में लगाई गई केंद्र सरकार और राज्य सरकार की लोककल्याणकारी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मेल मंच पर चल रहे सांस्कृति कार्याक्रमों की प्रस्तुति को देखा। राज्यपाल ने मेला समिति द्वारा किए जा रहे इस भव्य आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आयोजन समिति को इसके लिए बधाई दी। कहा कि 50 दिनों तक आयोजित होने वाले मेले में आने वाले दुकानदारों और लोगों की व्यवस्था के लिए मेला समिति बधाई की पात्र है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मेला मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार हो उठा। देश भर के विभिन्न प्रदेशों से आए कलाकार लोक नृत्यों की प्रस्तुति दे रहे हैं। शनिवार को प्लेबैक सिंगर स्नेहा भट्टाचार्य धमाल मचाने आ रही हैं। वहीं रविवार को प्लेबैक सिंगह मास्टर सलीम अपनी गीत गजलों से लोगों को रिझाएंगे। शाम 7.30 बजे अध्यक्ष सुनील यादव, संजोयक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, महेंद्र नामदेव, अखिलेश नगर सहित मेला टीम ने गणेश वंदना कर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
बालीवुड नाइट में स्नेहा भट्टाचार्य की प्रस्तुति आज
भोजपाल महोत्सव में शनिवार को प्लेबैक सिंगर स्नेहा भट्टाचार्य धमाल मचाने आ रही हैं। स्नेहा ‘सा रे गा मा पा 2023’ की फाइनलिस्ट हैं। उन्होंने दो साल की उम्र से हारमोनियम से सरगम करना शुरू कर दिया था। पिता की मदद करने के लिए कम उम्र में ही लाइव शो करना शुरू कर दिया था। वह गिटार या की-टार जैसे वाद्य यंत्रों का प्रयोग करके गाना पसंद करती हैं और अपनी परफॉर्मेंस को एक अलग अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश करती हैं। स्नेहा ने कई एकल गीत और एल्बम जारी किए हैं, जिनमें कुछ बंगाली गाने भी शामिल हैं। ‘अकेला रास्ता’, ‘एलो मां दुर्गा’, ‘ठाकुर जमाई’, ‘मुझे दुनिया से क्या मतलब’, ‘लिख के हाथो पे मेरा नाम’, ‘मेनका माथाये दिलो घोमटा’, ‘छोटो गल्पो’ और ‘लक्ष्य’ शामिल है। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह ट्रेन में अपनी सीट पर बैठकर गाना गा रही थीं, जिसकी लोगों ने खूब तारीफ की थी। वह किसी और की तरह नहीं, बल्कि स्नेहा भट्टाचार्य बनकर अपनी एक अलग पहचान बनाएं।
मास्टर सीलम ढोल जगीरो दा’ से मचाएंगे धमाल
देश विदेश में धमाल मचाने के बाद मास्टर सलीम भोपाल में चल रहे भोजपाल महोत्सव मेले मेंं धूम मचाने आ रहे हैं। मास्टर सलीम एक प्रसिद्ध भारतीय प्लेबैक सिंगर हैं, जो मुख्य रूप से पंजाबी, धार्मिक (भजन) और सूफी संगीत के लिए जाने जाते हैं। उनका वास्तविक नाम सलीम शहजादा है। शाहकोट, जालंधर, पंजाब में जन्मे मास्टर सलीम को संगीत की शिक्षा उनके पिता उस्ताद पूरन शाह कोटी से मिली। उन्हें बचपन से ही संगीत का ज्ञान था महज़ सात साल की उम्र में भटिंडा दूरदर्शन की ओपनिंग सेरेमनी में परफॉर्मेंस देने के बाद उन्हें ‘मास्टर सलीम’ के नाम से जाना जाने लगा। 10 साल की उम्र में उनकी पहली एल्बम ‘चरखे दी घूक’ रिलीज़ हुई, जो काफी हिट हुई थी। मास्टर सलीम ने बॉलीवुड, पंजाबी फिल्म संगीत और भक्ति संगीत (भजन/भेंट) तीनों क्षेत्रों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है। उन्हें बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग के लिए काफी प्रसिद्धि मिली। मास्टर सलीम हिंदू-मुस्लिम सिख ईसाई भाईचारे को महत्व देते हैं और हर धर्म के त्यौहारों को मिलकर मनाने की वकालत करते हैं।
