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Saturday, April 4, 2026
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भोपाल की संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है भोजपाल महोत्सव मेलातीन दिन और बढ़ा भोजपाल महोत्सव मेला, अब 4 जनवरी को होगा समापनबिना किसी सरकारी मदद के स्वदेशी को बढ़ावा देने, सरकार की प्रदर्शनी लगाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनजन तक पहुंचने वाली मेला समिति बधाई के पात्र

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भोपाल. बिना किसी सरकारी मदद के स्वदेशी को बढ़ावा देने और सरकार की प्रदर्शनी लगाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनजन तक पहुंचने वाली मेला समिति बधाई की पात्र है। यह बात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर चल रहे भोजपाल महोत्सव मेले में रविवार शाम बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्जवलित करते हुए कही। इस मौके पर अध्यक्ष खंडेलवाल ने मेला समिति से बातचीत कर मेला तीन दिन और बढ़ाकर रविवार को समापन करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे शहरवासियों को नए साल में खरीदारी और मनोरंजन के लिए और कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि मेले में ही धार्मिक आयोजन, खान- पान, मनोरंजन, खरीदारी के साथ ही मंच पर दी जा रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को एक पैकेज के रूप में मिल रही है। इस मौके पर मेला अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, विनय सिंह, महेंद्र नामदेव, केश कुमार शाह, अखिलेश नगर सहित मेला टीम के सदस्य मौजूद रहे।

भोजपुरी गीतों पर झूम उठे श्रोता, गीतों ने बांधा शमां
मेला मंच पर रविवार को भोजपुरी नाइट में भोजपुरी गायक करीना पाण्डे ने अपनी प्रस्तुति दी। करीना ने भजनों से गीतों की शुरुआत की, इसके बाद राह चलीला ता टोकेला सोनार राजा जी, कहे नथिया बढ़वा ला उधार राजा जी, प्रेम चीह्नल न आदमी कवन जात के, मिलले राजा रंगबाज़ (केकरा में दम बा), काहे नथिया गढ़वला उधार राजा जी, सवतीन ऐ पीया, मईया बारी सुकवार, डीपी में हमारे फोटो, बहारा में राजा कैसे नींद आवता साहित एक से बढकऱ एक भोजपुरी गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी।

मेला देखने लाखों की संख्या में पहुंच रहे सैलानी
वर्तमान में मेले का आलम यह है कि हर रोज यहां पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। रोजाना लाखों की संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मेले का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल्स हों, विशाल झूले हों या फिर देश के विभिन्न कोनों से आए हस्तशिल्प के सामान- मेले के हर कोने में उत्साह का माहौल है। शाम के समय मेले की लाइटिंग और सजावट सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर रही है।

भोजपाल महोत्सव मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि शहरवासियों ने इस मेले को ऐतिहासिक बनाया है। भोजपाल महोत्सव मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भोपाल की साझा संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक बन चुका है। भोपाल की जनता ने जिस उत्साह के साथ मेले को अपना प्यार दिया है, उसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

Read Also: प्रदेश के सबसे बड़े भोजपाल महोत्सव मेला का एक जनवरी को समापनमेला लोगों को जोडऩे की संस्कृति है, आयोजन समिति लोगों के अनंद और…

ये हैं मेला टीम के नायक
मेला टीम के सदस्य मेले की पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। इनमें विनय सिंह, केश कुमार, मो. जाहिद खान, सुनील शाह, मधु भवनानी, चंदन वर्मा, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, मो. रेहान खान, दीपक बैरागी, देंवेंद्र चौकसे, सुनील वैष्णव, गौरव जैन, संदीप सहित मेला समिति से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।

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