भोपाल। विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है। गुरुवार देर रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
शर्मा आदेश टाइप करा रहे थे, इसी बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और दूसरे नेता भी विधानसभा पहुंच गए। दोनों नेता सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई?
प्रमुख सचिव शर्मा बिना जवाब दिए वहां से निकल गए। देर रात आदेश जारी कर दिया गया। उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है। हम कोर्ट जाएंगे।
पीसीसी चीफ ने कहा- भाजपा लोकतंत्र खत्म करने में जुटी
मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कहा- विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के विरोध में कांग्रेस कोर्ट जाएगी। इसको लेकर पार्टी सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, कपिल सिब्बल समेत टीम काम कर रही है, जो कोर्ट में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर डिस्कशन करेगी।
पटवारी ने कहा- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे पर काम करते हुए भाजपा लोकतंत्र खत्म करने में जुटी हुई है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का पेड न्यूज से संबंधित मामला विधानसभा में पेंडिंग है। बीना विधायक निर्मला सप्रे के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और राजेंद्र भारती के पास अपील का समय होने के बाद भी सदस्यता खत्म कर दी गई है।
मंत्री बोले- कार्यवाही का राज्यसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं
जीतू पटवारी के सवालों पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया। सारंग ने कहा- इस कार्यवाही का राज्यसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। भारती को भ्रष्टाचार के मामले में 3 साल की सजा सुनाई गई है। यह भ्रष्टाचार भाजपा नहीं, कांग्रेस सरकार के समय हुआ। भारती ने अमानत में खयानत की और फिर कोर्ट को भ्रमित किया।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि को 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलती है तो वह उसी समय अपनी सदस्यता खो देगा। ऐसा व्यक्ति 6 साल तक चुनाव लड़ने का अधिकार भी नहीं रखेगा।
सारंग ने कहा कि जीतू पटवारी और पीसी शर्मा विधानसभा के सदस्य नहीं हैं। सही मायने में पटवारी और शर्मा का विधानसभा पहुंचना, फिर अधिकारी पर दबाव डालने का कृत्य सरकारी काम में बाधा डालने का है। उन पर कार्यवाही होनी चाहिए।
राजेंद्र भारती को राहत नहीं मिली तो होगा उपचुनाव
कोर्ट ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 60 दिन का समय अपील के लिए दिया है। अगर इस दौरान सीनियर कोर्ट से भारती को राहत नहीं मिलती है तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। विधानसभा सचिवालय द्वारा दतिया की विधानसभा सीट खाली किए जाने का निर्णय चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को भी भेजा गया है।
अब इस मामले में चुनाव आयोग तय करेगा कि अपील के समय खत्म होने के बाद एमपी में चुनाव कार्यक्रम घोषित करना है या उसके पहले ही चुनाव की तैयारी के निर्देश देने हैं। नियमानुसार सीट रिक्त होने के 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाने का प्रावधान है।
दिल्ली से लौटे प्रमुख सचिव, रात में प्रक्रिया पूरी की
दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में गुरुवार सुबह 11 बजे 3 साल की सजा सुनाई। कोर्ट का आदेश आने के बाद विधानसभा सचिवालय ने संकेत दिए थे कि भारती को कोर्ट ने अपील करने का समय दिया है इसलिए जल्दबाजी नहीं की जाएगी। लेकिन रात में पूरा सीन बदल गया।
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार को दिन में दिल्ली में थे। वहां लोकसभा की एक बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद वे शाम को भोपाल आए और विधानसभा पहुंच गए।
