भोपाल। राजधानी में मंगलवार को व्यवस्था की दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक ओर जहां नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी से नाराज होकर वार्ड-48 के भाजपा पार्षद अरविंद वर्मा को खुद ही सड़कों पर कचरा साफ करने मोर्चा संभालना पड़ा, वहीं दूसरी ओर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा जनसुनवाई में एक दिव्यांग महिला की फरियाद सुनने के लिए खुद जमीन पर बैठ गए। वार्ड-48 के पार्षद अरविंद वर्मा ने नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
शाहपुरा के अजय नगर में शादी समारोह के बाद सड़क पर फैले कचरे को साफ करवाने के लिए पार्षद सुबह से स्वास्थ्य अधिकारी भावना पटेरिया और दरोगा शेख उवैस को फोन करते रहे, लेकिन जब घंटों कोई सुनवाई नहीं हुई, तो दोपहर 2 बजे पार्षद ने खुद तगारी उठाई और कचरा साफ करना शुरू किया। जब निगम की कचरा गाड़ी पहुंची, तो पार्षद ने खुद उसमें कचरा डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी निरंकुश हो गए हैं और जनप्रतिनिधियों की बात भी अनसुनी कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का बेहद संवेदनशील स्वरूप नजर आया।

जनसुनवाई के दौरान जब एक दिव्यांग महिला माया संतोरिया अपनी समस्या लेकर पहुंची, तो कलेक्टर ने मर्यादाओं को किनारे रख खुद महिला के पास जाकर जमीन पर बैठकर उसकी व्यथा सुनी। कलेक्टर मिश्रा की इस पहल की वहां मौजूद हर व्यक्ति ने प्रशंसा की। जनसुनवाई में कलेक्टर ने जमीन विवाद और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर संज्ञान लिया। एक आरटीओ कर्मचारी द्वारा रिटायर्ड साथी की पेंशन रोकने और रिश्वत मांगने की शिकायत पर उन्होंने तत्काल जांच कर समाधान के निर्देश दिए।
