भोपाल। जेके रोड स्थित मिनाल रेसीडेंसी की ‘फिनिक्स गैस एजेंसी’ (एचपी) में स्टॉक हेरफेर और फर्जी डिलीवरी का गंभीर मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में 40 से अधिक ऐसे उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं, जिनके पास सिलेंडर पहुंचे बिना ही मोबाइल पर सफल डिलीवरी के मैसेज आ गए। उपभोक्ताओं के विरोध के बाद जब मामला गहराया, तो खाद्य विभाग और तेल कंपनी ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।
जांच में खुलासा हुआ कि 8 और 9 अप्रैल को एजेंसी को आवंटित किए गए दो ट्रकों (कुल 684 सिलेंडर) के वितरण में भारी अनियमितता बरती गई। कई सिलेंडर बिना ओटीपी (OTP) के ही बांट दिए गए, जिसके बाद कंपनी ने एजेंसी का नया स्टॉक रोक दिया था। हालांकि, उपभोक्ताओं की परेशानी देखते हुए खाद्य विभाग के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल नया स्टॉक जारी कर दिया गया है। फिलहाल पुराने स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच की आंच पूर्व सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा तक पहुंची।
आरोप है कि कलेक्ट्रेट में पदस्थ रहते हुए उन्होंने इस एजेंसी पर सख्ती दिखाई और बाद में दबाव बनाकर इसे स्वयं खरीद लिया। जांच टीम अब यह भी पता लगा रही है कि उनके रिश्तेदारों के नाम पर और कितनी गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं। मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक-दो दिन में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को सौंपी जाएगी। खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने भी इस प्रकरण में कलेक्टर से रिपोर्ट तलब की है।
शहर में गैस की किल्लत और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने शादी वाले घरों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब शादी के लिए दो कमर्शियल सिलेंडर लेने हेतु उपभोक्ताओं को सीधे कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य विभाग कार्यालय में आवेदन करना होगा।
