भोपाल। मप्र में आम जनता और व्यापारियों पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। दो महीने की किल्लत के बीच कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में एक साथ 993 रुपए की भारी बढ़ोतरी की गई है। बीते दो महीनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडर के रेट 1248 रुपए तक बढ़ चुके हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और शादी-ब्याह के बजट पर पड़ेगा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं।
राजधानी भोपाल में यह 3074, इंदौर में 3179, जबलपुर में 3290, ग्वालियर में 3296 और उज्जैन में 3241 में मिलेगा। प्रदेश में सबसे महंगा सिलेंडर रीवा में 3323 का हो गया है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से अधिक शादियां होनी हैं। मप्र टेंट कैटर्स एसोसिएशन के रामबाबू शर्मा ने बताया कि सिलेंडर के रेट बढ़ने से कैटरिंग की कॉस्टिंग में 10% तक का फर्क आएगा। अब 500 लोगों के खाने का बजट जो पहले 5 लाख रुपए था, वह करीब 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ जाएगा।
उन्होंने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली और NRAI के एमपी हेड अभिषेक बहेती ने कहा कि दो महीने में रेट 60% तक बढ़ गए हैं। फरवरी तक जो सिलेंडर 1800 रुपए में मिलता था, वह अब 3000 के पार है। गैस की किल्लत के कारण संचालक डीजल भट्ठी और इंडक्शन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है। इसके चलते अब रेस्टोरेंट में खाने के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाना मजबूरी हो गया है।
महंगाई के साथ-साथ प्रदेश में कमर्शियल गैस की किल्लत भी बनी हुई है। वर्तमान में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को उनकी जरूरत की केवल 50 प्रतिशत गैस ही उपलब्ध हो पा रही है। इससे व्यापार जगत में भारी नाराजगी और आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।
