भोपाल। राजधानी के गौरव बड़ा तालाब (रामसर साइट) के किनारों को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम 30 मई से फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करने जा रही है। नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पेश अपनी ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (एटीआर) में बताया है कि तालाब क्षेत्र के चिन्हित 21 अतिक्रमणों को 30 मई को पूरी तरह जमींदोज कर दिया जाएगा। एनजीटी द्वारा कार्रवाई के लिए दी गई तीन सप्ताह की अंतिम मोहलत 19 मई को ही समाप्त हो चुकी है और आगामी 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में प्रशासन को अपनी रिपोर्ट देनी है।
इसी दबाव के चलते अधिकारियों ने सेवनिया गौंड, गौरा विशनखेड़ी और प्रेमपुरा क्षेत्र में सर्वे कर इन 21 निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें से 3 निर्माण वर्ष 2022 से पहले के हैं और बाकी 18 निर्माण इसके बाद किए गए हैं। इन सभी के पास किसी प्रकार की बिल्डिंग परमिशन नहीं है और जिला स्तरीय कमेटी की सुनवाई के बाद इन्हें हटाने का फैसला लिया गया है।
गौरतलब है कि बड़ा तालाब को बचाने के लिए इसी वर्ष 5 फरवरी से सीमांकन अभियान शुरू हुआ था, जिसमें 37 दिनों के भीतर 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों की सुस्ती के चलते 92 दिन बीतने के बाद भी अब तक केवल 51 छोटे अतिक्रमण ही हटाए जा सके हैं, जिनमें टीटी नगर के 39 और बैरागढ़ के 12 कब्जे शामिल हैं, जबकि 296 अतिक्रमण अब भी जस के तस बने हुए हैं। 29 अप्रैल के बाद से महीने भर तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, अब नगर निगम ने अतिक्रमणकारियों की सूची, नक्शे और लाल निशान लगी इमारतों व रेस्त्रां की पूरी जानकारी तैयार कर ली है और दावा किया जा रहा है कि 30 जून तक सभी चिन्हित अवैध निर्माणों को हटा दिया जाएगा।
