खरगोन
मध्य प्रदेश के खरगोन में पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है. भाजपा विधायक का कहना है कि लोगों ने उन्हें बताया कि पुलिस ने पीपल के पेड़ के नीचे से शिवलिंग हटाया और अपने साथ ले गई. शिवलिंग उठाते समय पुलिस वालों ने जूते पहन रखे थे. ये काम पुलिस को बहुत महंगा पड़ेगा. हालांकि, इस मामले में पुलिस का दावा कुछ और है.
मामला खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर मंडलेश्वर थाना क्षेत्र का है. यहां पीपल के पेड़ के नीचे से शिवलिंग उठाकर ले जाना पुलिस को भारी पड़ गया. महाशिवरात्रि के एक दिन पहले हुई इस घटना की सूचना मिलने ही भाजपा विधायक राजकुमार मेव और हिंदू संगठनों के लोग वहां पहुंच गए.
हिंदू संगठनों ने विधायक को बताया कि पुलिस वालों ने जूते पहनकर शिवलिंग उठाया और गाड़ी में रखकर ले गए. इस पर विधायक भड़क गए और शिवलिंग उसी स्थान पर फिर से स्थापित कराने के लिए धरने पर बैठ गए. इसकी जानकारी मिलते ही एसडीओपी मनोहर सिंह गवली, मंडलेश्वर थाना इंचार्ज सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. काफी देर तक विधायक को समझाने का प्रयास किया जाता रहा.
ये शिवलिंग 50 साल पुराना है- भाजपा विधायक
भाजपा विधायक राजकुमार मेव का कहना है, ये शिवलिंग 50 साल पुराना है. कई साल पुराना पेड़ है. पुलिस ने जूते पहनकर शिवलिंग उठाया और गाड़ी में रखकर ले गई. मैंने उन्हें रोका. टीआई और एसडीओपी मौके पर थे. ये कृत्य हिंदू समाज को अच्छा नहीं लगा, ये उन्हें महंगा पड़ेगा. उन्होंने इन दोनों अधिकारियों को हटाने और शिवलिंग स्थापना की मांग की है.
पहले वहां शिवलिंग नहीं था, रात में रखा गया- पुलिस
एसडीओपी मनोहर सिंह गवली का कहना है कस्बे में त्रिवेणी वट वृक्ष, जो स्कूल के पास है. पेड़ के चबूतरे पर अज्ञात व्यक्तियों ने शिवलिंग रखा था. प्रशासन को इसकी सूचना मिला थी. इस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नेतृत्व में सीएमओ और उनकी टीम ने शिवलिंग हटाया.
विधायक के आरोपों को लेकर उनका कहना है कि पुलिस कानून व्यवस्था के लिए मौजूद थी. राजस्व विभाग और नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की गई है. उनके द्वारा बिना अनुमति के रखा गया शिवलिंग हटाया गया है. पहले वहां पर कोई शिवलिंग नहीं था. रात में रखा गया है.
