भोपाल। राजधानी के प्रतिष्ठित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उग्र रूप धारण कर चुका है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (MTA) के आह्वान पर डॉक्टरों ने न केवल इस भर्ती प्रक्रिया का सामूहिक बहिष्कार किया, बल्कि लगातार दूसरे दिन डीन कार्यालय के घेराव के साथ एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। डॉक्टरों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 25 मार्च को जारी विवादित विज्ञापन तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हमीदिया अस्पताल की ओपीडी सहित सभी आवश्यक सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी जाएंगी।
यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह अवैधानिक
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया और वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु शर्मा का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह अवैधानिक है और इससे वरिष्ठ डॉक्टरों की 15-20 साल की ‘सेवा निरंतरता’ (Continuation of Service) खत्म हो जाएगी। सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति होने पर डॉक्टरों को नए उम्मीदवार की तरह माना जाएगा, जिससे उनके एनपीएस (NPS), ग्रेच्युटी और वेतन वृद्धि जैसे लाभ प्रभावित होंगे। डॉक्टरों ने ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट के उन फैसलों का भी हवाला दिया है जिनमें पूर्व में इस तरह की भर्ती प्रक्रियाओं को निरस्त किया जा चुका है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा के अनुसार, इस प्रक्रिया से वर्षों का अनुभव शून्य हो जाएगा और अनुभवी डॉक्टरों को भी प्रोबेशन पीरियड से गुजरना होगा।
