भोपाल। शहर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के दो दिव्य स्वरूपों— बुद्ध जयंती और कूर्म जयंती का दुर्लभ व पावन संयोग बना, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। धार्मिक दृष्टि से इस संयोग को सुख-समृद्धि और शांति के लिए अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।
इस अवसर पर मंदिर में पंडित राजेंद्र पलिया के सानिध्य में वैदिक विधि-विधान से विशेष पूजा, हवन और आरती संपन्न कराई गई। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने शांति और अहिंसा का संदेश देने के लिए बुद्ध रूप में अवतार लिया था। साथ ही, यह तिथि कूर्म अवतार को भी समर्पित है, जिसमें भगवान विष्णु ने कच्छप रूप धारण कर समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर थामकर सृष्टि की रक्षा की थी। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भगवान विष्णु के जयकारों और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के जाप से गुंजायमान रहा।
श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध से विश्व शांति और सद्बुद्धि की प्रार्थना की। बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तगणों ने पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ अर्जित किया। पंडित पलिया ने बताया कि बुद्ध अवतार जहां मध्यम मार्ग और करुणा का मार्ग दिखाते हैं, वहीं कूर्म अवतार धैर्य और संतुलन का प्रतीक है। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
