इंदौर
गुरुवार को स्वामीनारायण मंदिर में दिल दहलाने वाली वारदात हुई थी। जहां एक एक आरोपी युवक ने अपनी प्रेमिका और उसके साथी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस नजारे को अपनी आंखों से देखने वाली 50 वर्षीय एक महिला ने सारी वारदात को बताया। उन्होंने कहा कि उसने खुद को शूटर अभिषेक यादव के बीच में रखकर स्नेहा जाट को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन बंदूकधारी ने उसे अलग नहीं हटने पर गोली मारने की धमकी दी थी। स्नेहा आरोपी के सामने बेबस खड़ी रही और अभिषेक ने पिस्तौल उठाई और स्नेहा पर गोली चला दी।
दरअसल, महिला धापू बाई मंदिर में काम करती है। डीसीपी ऋषिकेश मीना ने शुक्रवार को बताया कि धापू बाई और उसके पति के साथ मंदिर के गार्ड ने स्नेहा को बचाने की कोशिश की। जब अभिषेक गोली चलाने वाला था तो उसने उसे समझाया, लेकिन उसने उन दोनों को मार देने की धमकी दी और वारदात को अंजाम दिया।
क्या हुआ था उस दिन
आरोपी अभिषेक ने गुरुवार के दिन दोपहर के आसपास स्नेहा और उसके दोस्त दीपक जाट को मंदिर के अंदर गोली मार दी थी। इसके बाद वह घटनास्थल से 200 मीटर दूर एक कॉलेज में भाग गया। जहां पर एक पुलिसकर्मी ने उसको रोकने के लिए कहा था तो आरोपी खुद पर बंदूक तान ली।
साथ में मंदिर दर्शन करने पहुंचे फिर करने लगे झगड़ा
धापू बाई ने बताया कि झगड़ा करने से पहले तीनों मंदिर में मुलाकात की और एक साथ प्रार्थना करने लगे। इसके बाद किसी बात को लेकर उन लोगों के बीच झगड़ा होने लगा। उनके बीच का झगड़े का दर्दनाक अंत हुआ। धापू बाई ने शुक्रवार को भंवरकुआं पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसने 20 मिनट तक तीनों के बीच लड़ाई देखी। लेकिन जब अभिषेक ने पिस्तौल निकाली तो वह बचाने के लिए उनकी ओर दौड़ी।
दीपक पर दनादन चलाई गोलियां
धापू बाई ने कहा कि मैंने अभिषेक को बंदूक पकड़े हुए देखा। वहीं, अभिषेक के हाथ में गन देखकर दीपक ने जानकर बचाकर अपने स्कूटर से भागने की कोशिश की। तभी अभिषेक उसके पास दौड़ा और बंदूक उसकी कनपटी पर रख दी और दो गोलियां चला दीं।
दीपक ने स्नेहा पर तानी गोली
आरोपी के गोली चलाने से हैरान होकर स्नेहा अभिषेक पर चिल्लाई। साथ ही घायल पड़े दीपक की ओर दौड़ी और उसके शव से लिपट गई। इस पर अभिषेक हैरान हो गया और उसने स्नेहा के ऊपर गोली चलाने की कोशिश की। लेकिन उसकी बंदूक जाम हो गई।
मुझ पर भी तान दी गन
धापू बाई ने कहा कि मैं स्नेहा को बचाने की कोशिश करते हुए तुरंत खुद को उनके बीच में खड़ा कर लिया और अभिषेक को रुकने के लिए कहा। उसने मुझे नहीं हटने पर जान से मारने की धमकी दी। मेरे हटने के अगले ही पल आरोपी ने स्नेहा को गोली मार दी।
गार्ड ने रोकने की कोशिश की
स्नेहा को गोली मारने के बाद अभिषेक मुड़ा और भागने लगा। लेकिन गार्ड हरि सिंह राठौड़ ने गेट बंद करके उसे रोकने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि अभिषेक ने उस पर पिस्तौल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। राठौड़ ने कहा कि उसने अभिषेक की धमकी मिलने के बाद उसे जाने दिया। उन्होने कहा कि दो दो मर्डर करने वाले को उसने नहीं उकसाने का फैसला किया और एक तरफ हट गया।
कॉल रिकॉर्ड से खुलेगा राज
ऋषिकेश मीना ने कहा कि चश्मदीद गवाह गार्ड की शिकायत पर आरोपी अभिषेक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। वहीं, एसीपी देवेन्द्र सिंह धुर्वे ने बताया कि अभिषेक और दीपक के पास महंगे फोन हैं, इसलिए इन्हें अनलॉक करने में फॉरेंसिक विभाग को काफी समय लगेगा। धुर्वे ने कहा कि फिलहाल हम कॉल रिकॉर्ड पर भरोसा कर रहे हैं, जो शनिवार को प्राप्त होंगे। उसके बाद और चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक एविडेंस, उंगलियों के निशान और अन्य वस्तुओं को जांच के लिए फोरेंसिक विभाग में भेजा गया है।
आरोपी के पास कहां से आई गन
एडीसीपी आनंद यादव ने कहा कि पुलिस यह पता लगाने के लिए मृतकों के कॉमन दोस्तों से पूछताछ कर रही है कि तीनों के बीच क्या बातचीत हुई थी। वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अभिषेक ने पिस्तौल कहां से खरीदी।
आरोपी के परिजन को नहीं पता कहां से आई गन
अभिषेक के चाचा ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उन्होंने गुरुवार को कॉलेज जाने से पहले अभिषेक को काफी देर तक फोन पर बात करते हुए देखा था। परिवार को इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं था कि उसके पास बंदूक कैसे आई। अभिषेक कॉम्पेटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहा था और भंवरकुआं के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ता था।
तीनों के हुए अंतिम संस्कार
स्नेहा का गुरुवार रात अंतिम संस्कार कर दिया गया, वहीं अभिषेक का शव सीहोर स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया। दीपक के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए आगर ले जाया गया।
