भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नई श्रम संहिताओं के विरोध में बुधवार को विभिन्न केंद्रीय और स्वतंत्र श्रमिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान श्रमिकों ने राष्ट्रव्यापी काला दिवस मनाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में एटक, सीटू, इंटक, एआईयूटीयूसी सहित बैंक, बीमा, दूरभाष, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। शाम करीब 5:30 बजे शहर के डाक भवन चौराहा पर बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी और अधिकारी अपने-अपने संगठनों के झंडे और बैनर के साथ एकत्रित हुए। यहां उन्होंने श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और बाद में सभा आयोजित की गई।
हड़ताल के अधिकार को किया जा रहा सीमित
सभा को श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों वीके शर्मा, एसएस मौर्या, प्रमोद प्रधान, पूषन भट्टाचार्य, विनोद लोगरिया, यशवंत पुरोहित, दीपक रत्न शर्मा, जेपी झंवर, शैलेंद्र कुमार शैली, शैलेंद्र शर्मा और भगवान स्वरूप कुशवाहा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार चार नई श्रम संहिताओं को बिना व्यापक चर्चा के लागू करने का प्रयास कर रही है, जिसका देशभर में श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में मजदूरों और कर्मचारियों ने काली पट्टी और काले बैज धारण कर काला दिवस मनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नई श्रम संहिताओं के जरिए यूनियन बनाने की प्रक्रिया को कठिन बनाया जा रहा है, हड़ताल के अधिकार को सीमित किया जा रहा है और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों को कमजोर किया जा रहा है।
