महासमुंद,
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 50 प्रतिशत से ज्यादा किसान अपात्र पाए गए हैं. कृषि विभाग की जांच में ऐसा खुलासा हुआ है. महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंर्तगत 3 लाख 56 हजार किसानों का पंजीयन किया गया था. इन्हें हर चार माह में 2 हजार रुपये दिए जा रहे थे. कृषि विभाग ने जब कैंप लगा कर जांच शुरु की तो चौंकाने वाले आंकड़ा सामने आया है. 3 लाख 56 हजार हितग्राहियो में से 1 लाख 47 हजार किसान ही पात्र पाये गए जबकि 1 लाख 81 हजार किसान अपात्र निकले.
1 लाख 81 हजार किसानों से वसूले जाने है रुपये
कृषि विभाग के कर्मचारियों को अब अपात्र किसानों से रकम वसूलने में पसीना छूट रहा है. जिले के 1 लाख 81 हजार किसानों से करोड़ो रुपये वसूलने है और अभी तक सिर्फ 4 लाख रुपये की वसूली हो पाई है. कृषि विभाग के उप संचालक कृषि का कहना है कि अपात्रों में सरकारी नौकरी, इनकमटैक्स भरने वाले एवं फर्जी आईडी से पंजीयन करने वाले लोग शामिल थे.
बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि 12वीं किस्त इस महीने में जारी होने वाली है. उससे पहले भूलेखों के सत्यापन के कार्यों में तेजी आ गई है. इस बीच हर राज्य से इस योजना लाभ ले रहे हैं अपात्र किसानों की संख्या लाखों में पहुंच रही है. इन सभी का नाम 12वीं किस्त के लाभार्थी सूची से काट दिया गया है. फिलहाल इन किसानों को अब तक की सभी 11 किस्तों के पैसे वापस लौटाने के लिए नोटिस भेजी जा रही है.
हेल्पलाइन नंबर भी जारी
बता दें कि इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. ये राशि किसानों को तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपये करके सीधे उनके बैंक अकाउंट में भेजी जाती है. फिलहाल, किसानों के खाते में 11 किस्तें ट्रांसफर की जा चुकी है, अब किसान बेसब्री से 12वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं.प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए किए गए आवेदन की स्थिति जानने के लिए किसान टोल फ्री नंबर 155261 पर संपर्क कर सकते हैं.
