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स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव को लेकर ‘आप’ पहुंची सुप्रीम कोर्ट, BJP बोली- यह तो कानूनन गलत

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नई दिल्ली

दिल्ली नगर निगम में स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली की सीएम और दिल्ली नगर निगम की मेयर शैली ओबेरॉय ने स्टैंडिंग कमिटी के छठे सदस्य के चुनाव को अवैध बताया है। शैली का कहना है कि नियम और कानून को ताक पर रखकर स्टैंडिंग कमिटी का आखिरी चुनाव हुआ। इसे देखते हुए आम आदमी पार्टी ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
इस मामले में दिल्ली की सीएम आतिशी ने भी कहा है कि शुक्रवार को एमसीडी स्टैंडिंग कमिटी के छठे सदस्य के लिए अवैध और असंवैधानिक चुनाव करवाया गया, जो गैर-लोकतांत्रिक है और दिल्ली म्युनिसिपल एक्ट 1957 का उल्लंघन है। पार्टी का कहना है कि नियमों के तहत स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य के चुनाव की तारीख और स्थान मेयर ही तय कर सकती हैं और वही पीठासीन अधिकारी होनी चाहिए मगर एलजी के निर्देश पर एमसीडी कमिश्नर से एक आईएएस अधिकारी को पीठासीन अधिकारी बनाकर चुनाव करवा दिया। अपने आपत्ति को लेकर आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

चुनाव को विवादित बना रही है आप : बीजेपी
चुनाव के इस मुद्दे पर ‘आप’ का सुप्रीम कोर्ट जाना बीजेपी ने कानूनन गलत बताया है। दिल्ली बीजेपी प्रेजिडेंट वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली के लोग हैरान हैं कि एक ओर आम आदमी पार्टी जनवरी 2023 से दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमिटी को बनाने में लगातार बाधा डाल रही है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2024 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी केजरीवाल की पार्टी स्थायी समिति को काम नहीं करने दे रही है, जबकि इसके सभी 18 सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि पहले स्टैंडिंग कमिटी बनाने में देरी की गई, जिससे एमसीडी निष्क्रिय हो गई और अब जब मामला सुलझता दिख रहा था, तो 18वें सदस्य के चुनाव को विवादित बनाकर फिर से इसे कोर्ट में ले जाकर एमसीडी को निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे मामला हार जाएंगे, लेकिन समझ नहीं आता कि अरविंद केजरीवाल एमसीडी को काम क्यों नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल बाबा साहब आंबेडकर का नाम और तस्वीर का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन एक दलित पार्षद को दिल्ली के मेयर के रूप में काम करने का संवैधानिक अवसर रोक रहे हैं।

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