सैफई
मुलायम सिंह यादव पंचतत्व में विलीन हो गए। मुलायम सिंह यादव 82 वर्ष के थे। उनका निधन सोमवार को लंबी बीमारी के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुआ। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैत्रिक गांव सैफई लाया गया। सोमवार को देर रात तक समर्थकों का हुजूम उनके आवास पर जमा रहा। मुलायम समर्थक रात भर घर के बाहर जमा रहे। रह-रहकर मुलायम के समर्थन में नारे लगते रहे। अपने नेताजी को नम आंखों से विदाई दी। अखिलेश यादव ने पिता को मुखाग्नि दी।
सियासत के पहलवान अपनी अंतिम यात्रा पर निकल पड़े हैं। उन्हें विदाई देने पूरा सैफई, इटावा और यादवलैंड उमड़ पड़ा है। सैफई में तिल रखने की भी जगह नहीं है। अपने नेता को अंतिम विदाई देने बड़ी संख्या में समर्थक जुटे हैं। सैफई के अंत्येष्टि स्थल मेला मैदान पर इस मौके पर आम के साथ-साथ खास लोग भी पहुंचे हैं। मुलायम सिंह यादव को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। सैफई के मेला ग्राडंड में अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। अखिलेश यादव तैयारियों को पूरा करा रहे हैं।
अंतिम संस्कार में पहुंचे शरद पवार, जया, राजनाथ
अंतिम संस्कार में एनसीपी प्रमुख शरद पवार पहुंचे हैं। इनके अलावा सपा सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन अपने पुत्र अभिषेक बच्चन के साथ पहुंची हैं। अंत्येष्ठि में भाग लेने के लिए बिहार के डिप्टी सीएम तेज प्रताप यादव भी सैफई पहुंच गए हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी अंत्येष्ठि स्थल पर मौजूद हैं। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने मित्र मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में पहुंचे हैं। इनके अलावा राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल भी इस मौके पर मौजूद हैं।
मेला ग्राउंड से निकली मुलायम की अंतिम यात्रा
मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर ली गई है। अपराह्न तीन बजे पूरे विधि विधान के साथ मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार होगा। अंतिम संस्कार के लिए सैफई ब्लॉक स्थित मुलायम के पुस्तैदी जमीन पर तीन फीट ऊंचा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। मेला ग्राउंड से मुलायम के पार्थिव शरीर को लोकर यहां रखा गया है। श्मशान स्थल पर मुलायम को आखिरी बार परिजनों और विशिष्ट अतिथियों की ओर से आखिरी विदाई दी जाएगी। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कराया जा रहा है। मेला ग्राउंड से अंतिम संस्कार स्थल तक मुलायम सिंह यादव की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। नेताजी अमर रहे के नारे लगे। सियासत के पहलवान को विदाई के लिए चंदन की लकड़ी मंगाई गई है।
अंतिम यात्रा में शामिल हुए स्वामी रामदेव
नेताजी की अंतिम यात्रा में योग गुरु स्वामी रामदेव भी शामिल हुए। वे मुलायम सिंह यादव की अंतिम यात्रा के लिए सजाए गए रथ पर सवार हुए। हजारों लोग इस अंतिम यात्रा में साथ चल रहे हैं। इस क्षण को हर कोई अपने कैमरे में कैद कर लेना चाहता था। लोग जानते हैं कि दूसरा नेताजी बन पाना किसी के लिए संभव नहीं है। ऐसे में नेताजी की यादों को हर कोई अपने साथ रखने की कोशिश में था।
