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बाबा सिद्दीकी मर्डर: पुलिस की सुरक्षा मिलती तो नहीं होती हत्या, अजित पवार की NCP ने फडणवीस को ठहराया जिम्मेदार

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मुंबई

कांग्रेस के बाद एनसीपी में गए बाबा सिद्दीकी के मर्डर पर महाराष्ट्र में राजनीति गरमाने लगी है। महायुति के शामिल अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने घटना के लिए राज्य में गृह विभाग संभाल रहे उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लिया है। एनसीपी ने बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या को लेकर विपक्ष के कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने के दावे को दोहराया है। एनसीपी ने कहा है कि मुंबई में कानून व्यवस्था की स्थिति काफी खतरनाक है।

एनसीपी ने पकड़ी विपक्ष की लाइन
एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता अमोल मिटकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में एनसीपी नेता की यह दूसरी हत्या है। बाबा सिद्दीकी एक शीर्ष नेता थे। करीब 15 दिन पहले उन्हें एक धमकी भरा फोन आया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस सुरक्षा मांगी थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। बाबा सिद्दीकी की शनिवार शाम मुंबई में उनके विधायक बेटे के कार्यालय के बाहर तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस की विफलता को एक बड़ी प्रशासनिक चूक कहा था।

खरगे ने भी उठाए बड़े सवाल
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने खुले तौर पर कहा था कि महाराष्ट्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। उनके (बाबा सिद्दीकी) द्वारा अपनी जान को खतरा बताए जाने के बावजूद अगर पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही, तो यह प्रशासन की ओर से एक बड़ी चूक है। बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष की ओर से देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की जा रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। चव्हाण ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था खत्म हो गई है।

इस्तीफे की मांग पर बोले फडणवीस
विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग के बीच देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह दुखद और गंभीर घटना है। बाबा सिद्दीकी से मेरी गहरी दोस्ती थी। इस तरह की घटना से हम सभी स्तब्ध हैं। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है। आज आरोपियों की हिरासत मिलने के बाद पुलिस ब्रीफिंग करेगी। जो थ्योरी आ रही है, वह आधिकारिक नहीं है। कुछ एंगल देखे जा रहे हैं और जांच चल रही है। इतनी गंभीर घटना के बाद भी उन्हें (शरद पवार) सिर्फ सत्ता चाहिए। शरद पवार ने इस्तीफे की मांग की थी। इस पर संजय निरुपम ने कहा था कि उनके कार्यकाल में बम ब्लास्ट हुए तो क्या उन्होंने इस्तीफा दिया था। निरुपम ने कहा कि उनसे (शरद पवार) से यह उम्मीद नहीं थी।

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