भोपाल
मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे को पुलिस वालों ने बुरी तरह पीटा था। इस बात की पुष्टि मंत्री के बेटे और आरोपी अभिज्ञान पटेल द्वारा जारी किए गए वीडियो से हुआ है। अभिज्ञान पटेल ने थाने में पिटाई के निशान दिखाए हैं। अभिज्ञान ने आरोप लगाया है कि भोपाल के शाहपुरा थाने में शनिवार देर रात 4 पुलिसकर्मियों ने मुझे जमकर पीटा। लॉकअप में बंद कर बेल्ट, पट्टा और लात-घूंसों से मारा।
बेटे ने शेयर किया वीडियो
अभिज्ञान ने थाने के उस पट्टे का फोटो भी शेयर किया है, जिस पर एक ओर लिखा है सुधार सिंह और दूसरी तरफ लिखा है कि मेरी आवाज ही पहचान है। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। घटना के 4 दिन बाद मंत्री पुत्र अभिज्ञान पटेल द्वारा जारी किए गए वीडियो पर सवाल भी उठने लगे हैं। पुलिस अफसर दबी जुबान में यह कह रहे हैं कि घटना के चार दिन बाद वीडियो वायरल क्यों किए, वे यह काम पहले भी कर सकते थे। शाहपुरा थाना पुलिस के एक पुलिसकर्मी ने एनबीटी ऑनलाइन को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वीडियो में छेड़छाड़ और एडिटिंग की गई है।
विवाद बढ़ने पर अब मंत्री पुत्र की सफाई
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे अभिज्ञान ने बताया है कि उनकी और उनके दोस्तों की पीड़ित पक्ष से कहासुनी जरूर हुई थी, लेकिन उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। बावजूद इसके पुलिसवालों ने उन्हें बेल्ट से बुरी तरह पीटा।
वीडियो शेयर किया
अभिज्ञान पटेल ने सबूत के तौर पर वीडियो जारी करके अपने शरीर में लगे घावों के निशाने को बताया है। लेकिन घटना के तीन दिन बाद वीडियो वायरल करने की बात विशेषज्ञों को पच नहीं रही है। लोगों कहना है कि मंत्री के बेटे ने पहले दिन ही यह बात क्यों नहीं बताई।
अभी तक नहीं आई है मेडिकल रिपोर्ट
पीड़ित पक्ष का कहना है कि महिला और उनके पति के साथ अभिज्ञान और उनके दोस्तों ने मारपीट की। रेस्टोरेंट संचालक के सिर पर गंभीर घाव लगे हैं। मेडिकल रिपोर्ट आज तक नहीं मिली है। घायल की पत्नी ने आरोप लगाए हैं कि मेडिकल रिपोर्ट को छुपाया जा रहा है। ऐसा करने से मंत्री के बेटे पर हत्या के प्रयास की धारा लगाने से बचाया जा रहा है।
यह है मामला
शनिवार को भोपाल के त्रिलंगा क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालक सोनू मार्टिन और उनकी पत्नी आलिशा ने थाने में मंत्री पुत्र अभिज्ञान और उनके दोस्तों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि सोनू के सिर पर रॉड से हमला किया गया। पुलिस ने साधारण मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है, जबकि पीड़ित का कहना है कि पुलिस को धारा 307 भी लगानी चाहिए।
शाहपुरा पुलिस से टीटी नगर गया मामला
इस मामले में प्रकरण शाहपुरा थाना में दर्ज किया गया था। लेकिन घटना के तीन दिन के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इस केस को टीटी नगर पुलिस के हवाले कर दिया। डीसीपी (जोन-1) प्रियंका शुक्ला ने कहा, ऐसा इसलिए किया गया ताकि किसी भी पक्ष को यह न लगे कि जांच में कोई पक्षपात हुआ है।
मंत्री पुत्र पर की गई यह कार्रवाई
शाहपुरा पुलिस ने मंत्री पुत्र अभिज्ञान और उसके पांच सह-आरोपियों के खिलाफ ‘बाउंड-ओवर’ कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्हें 20,000 रुपये के बांड पर हस्ताक्षर करना होगा। यदि वे एक वर्ष के भीतर कोई अपराध करते हैं, तो उन्हें दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए नहीं हुई गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि अभी तक मंत्री के पुत्र व अन्य किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि आईपीसी की जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, उनमें सात साल से कम की जेल की सजा का प्रावधान है। अदालत के निर्देशों के अनुसार, वे केवल उन्हें नोटिस दे सकते हैं और उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकते। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद धाराएं बढ़ाई भी जा सकती हैं।
मंत्री ने किया था हंगामा
गौरतलब है कि घटना शनिवार देर रात हुई थी लेकिन मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी शाहपुर थाने पहुंच गए थे। वहां उनका बेटा अभिज्ञान कथित तौर पर हंगामा कर रहा था, जिसके तुरंत बाद अधिकारियों ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
क्या किया था मंत्री के बेटे ने
आरोप हैं कि पिछले शनिवार रंग पंचमी के दिन अभिज्ञान पटेल और उनके दोस्तों पर एक स्कूटर सवार पत्रकार की पिटाई की। उसे बचाने की कोशिश करने वाले एक होटल व्यवसायी दंपती और उनके कर्मचारी पर हमला कर दिया।
पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने पर नाराजगी
मध्य प्रदेश की पुलिस के आंतरिक सोशल मीडिया ग्रुप में शाहपुरा थाना के चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने का मामला गरमा गया है। पुलिस कर्मियों का कहना है कि अगर ऐसे ही अपराधियों को बचाने के लिए पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।
