श्रीनगर,
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गुरुवार को हुए आतंकी हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. खुफिया सूत्रों का कहना है कि इस हमले को पांच आतंकियों ने अंजाम दिया था. इसमें तीन आतंकी विदेशी और दो स्थानीय थे. ये बात भी सामने आई है कि हमले हमले का मकसद G-20 की बैठक से पहले खौफ पैदा करना था. इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.
इस हमले में राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान शहीद हो गए, जबकि एक घायल हुआ है. शहीद हुए जवानों में हवलदार मनदीप सिंह, सिपाही हरकिशन सिंह, लांस नायक कुलवंत सिंह और सिपाही सेवक सिंह पंजाब के रहने वाले थे, जबकि लांस नायक देबाशीष उड़ीसा के निवासी थे.
बता दें कि आतंकियों ने उस वक्त अंधाधुंध फायरिंग और ग्रेनेड दागे जब सेना का वाहन भिंबर गली और पुंछ के बीच था. भारी बारिश और लो विजिबिलिटी का फायदा उठाकर आतंकियों ने घात लगाकर हमले को अंजाम दिया. इस दौरान किए गए ग्रेनेड हमले से वाहन में आग लग गई.
दरअसल, भारत इस साल जी-20 समिट की अध्यक्षता कर रहा है. इसके तहत अलग-अलग जगह बैठकें होनी हैं. इसमें दो बैठकें श्रीनगर और लद्दाख के लेह में होंगी. लेह में 26 से 28 अप्रैल और श्रीनगर में 22 से 24 मई को बैठक होनी है.
इस बैठक से पहले हमला करके आतंकी संदेश देना चाहते हैं कि कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं. इन दोनों बैठकों को लेकर पाकिस्तान आपत्ति भी जता चुका है. हालांकि, भारत ने पाकिस्तान की आपत्ति को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि जम्मू-कश्मीर और लेह भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा हैं.
इस हमले का बदला लेने के लिए सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इसमें भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान हैं. सेना के पास इनपुट है कि इलाके में सात आतंकवादी छिपे हैं. इसको देखते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. इस ऑपरेशन में ड्रोन और हेलिकॉप्टर्स की मदद ली जा रही है.
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षाबलों की टीम ने संदिग्ध इलाकों को तबाह कर दिया है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना के पास पुंछ सेक्टर में दो सक्रिय आतंकी समूहों के 7 आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में इनपुट है. यह पाकिस्तानी आतंकी समूह है, जो सेना के वाहन पर घात लगाकर हमला करने में शामिल था.
पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली हमले की जिम्मेदारी
पुंछ आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद का समर्थित पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली है. अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट जैश के प्रॉक्सी आउटफिट के तौर पर उभरा था. PAFF समय-समय पर सेना और सरकार को कई बार धमकियां भी दे चुका है. साल 2020 में इसने वीडियो जारी कर कश्मीर में इजरायल की ओर से दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने पर धमकी दी थी.
