नई दिल्ली,
बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए 15 राज्यों में अपने नए प्रभारियों और सह प्रभारियों को नियुक्त कर दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि जेपी नड्डा ने तय नामों की सूची पर मुहर लगाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है.
जारी की गई सूची के मुताबिक विनोद तावड़े को बिहार, ओम माथुर को छत्तीसगढ़, बिप्लब कुमार देब को हरियाणा, लक्ष्मीकांत वाजपेयी को झारखंड, प्रकाश जावडेकर को केरल, राधामोहन अग्रवाल को लक्षद्वीप, पी मुरलीधर राव को मध्य प्रदेश, विजय रूपाणी को पंजाब और चंडीगढ़, तरुण चुघ को तेलंगाना, अरुण सिंह को राजस्थान, महेश शर्मा को त्रिपुरा, मंगल पांडे को पश्चिम बंगाल और संबित पात्रा को पूर्वोत्तर का प्रभारी बनाया गया.
इन्हें बनाया गया है सह प्रभारी
सांसद हरीश द्विवेदी को बिहार, विधायक नितिन नबीन को छत्तीसगढ़, सांसद डॉ. राधामोहन अग्रवाल को केरल, पंकजा मुंडे और डॉ. रमाशंकर कठेरिया को मध्य प्रदेश, नरिंदर सिंह रैना को पंजाब, अरविंद मेनन को तेलंगाना, विजया राहटकर को राजस्थान, अमित मालवीय और आशा लकड़ा को पश्चिम बंगाल और रितुराज सिन्हा को नॉर्थ ईस्ट प्रदेश का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है.
144 सीटों पर जीत के लिए बीजेपी ने बनाई रणनीति
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष ने 6 सितंबर को 144 लोकसभा सीटों पर पार्टी को और मजबूत करने को लेकर केंद्रीय मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की थी. इस दौरान इन सीटों को जीतने की रणनीति तैयार की गई. ये वे सीटें हैं जिनपर बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव में दूसरे या तीसरे स्थान पर रह गई थी या जिन पर वह कभी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी.
इन राज्यों पर भी फोकस
भाजपा की ओर से जारी सूची के मुताबिक, सांसद डॉ. राधामोहन अग्रवाल को केरल, पंकजा मुंडे और डॉ. रमाशंकर कठेरिया को मध्य प्रदेश, नरिंदर सिंह रैना को पंजाब, सांसद हरीश द्विवेदी को बिहार, अरविंद मेनन को तेलंगाना, विधायक नितिन नबीन को छत्तीसगढ़, विजया राहटकर को राजस्थान, अमित मालवीय और आशा लकड़ा को पश्चिम बंगाल और रितुराज सिन्हा को उत्तर पूर्वी प्रदेशों में सह प्रभारी बनाया गया है।
हारी सीटों पर केंद्रीय मंत्रियों को लगाया
हाल ही में भाजपा ने साल 2024 इलेक्शन के मद्देनजर एक बड़ी बैठक आहूत की थी। इस बैठक में अमित शाह और जेपी नड्डा की अगुवाई में यह निर्णय लिया गया कि 2019 के चुनाव में जिन सीटों में भाजपा बेहद मामूली अंतर से हारी, उन सीटों पर खास तौर से फोकस किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को लगाया गया है।
भाजपा का 350 टारगेट
दरअसल, साल 2014 में 282, 2019 में 300 पार हासिल कर चुकी भाजपा अब 350 से ज्यादा सीटों का लक्ष्य साध रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि इस बार यह यात्रा 350 के पार जाकर खत्म होगी। बिहार में हमने 35 सीटों जीतने का लक्ष्य रखा है। भाजपा 100 फीसदी प्रदर्शन करेगी। इतिहास पहले भी दोहराया गया है और इस बार फिर दोहराया जाएगा। इस बार नया रिकॉर्ड होगा।’
नीतीश दिल्ली में विपक्षी दलों के 10 नेताओं से मिले
NDA से नाता तोड़कर महागठबंधन में वापसी करने वाले नीतीश कुमार ने मिशन-2024 का बीड़ा उठा लिया है. बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी एकता की कोशिश में जुटे नीतीश कुमार पिछले दिनों दिल्ली प्रवास के दौरान 10 विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात की थी. विपक्षी दलों ने नीतीश की कोशिशों का समर्थन किया और पूरा सहयोग का वादा भी किया है. नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात के बाद कहा था कि वह सभी को 2024 के चुनाव के लिए एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं.
नीतीश कुमार अपने दिल्ली प्रवास के पहले दिन सोमवार को सबसे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी, फिर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी से मिले. दूसरे दिन मंगलवार को नीतीश ने सीपीएम महासचिव सीताराम यचुरी, सीपीआई के महासचिव डी राजा से मिले. इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की और फिर इनेलो के ओम प्रकाश चौटाला से मिले. उसी दिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और अपने पुराने मित्र शरद यादव से मिले.


